Loading...

Politics / शिक्षा बोर्ड में बैकडोर भर्ती का आरोप, भाजपा ने निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 36 Mins Ago • 1 Min Read

Politics : हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड में कथित बैकडोर भर्ती को लेकर भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। भाजपा का आरोप है कि आठ पदों पर नियुक्तियां बिना पारदर्शी प्रक्रिया के की गईं और योग्य अभ्यर्थियों को आवेदन का अवसर नहीं मिला। पार्टी ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा की मांग की है।

शिमला

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड में कथित बैकडोर भर्ती को लेकर भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधायक विनोद कुमार ने आरोप लगाया कि शिक्षा बोर्ड में आठ पदों पर नियुक्तियां बिना पारदर्शी प्रक्रिया के की गईं, जिससे प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के साथ अन्याय हुआ है।विनोद कुमार ने कहा कि धर्मशाला स्थित हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड में सेवा समिति के माध्यम से चार डाटा एंट्री ऑपरेटर और चार चपरासी सहित कुल आठ पद भरे गए। उनका आरोप है कि इन पदों के लिए न तो कोई सार्वजनिक विज्ञापन जारी किया गया और न ही योग्य अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए गए। पूरी भर्ती प्रक्रिया को गुपचुप तरीके से पूरा किया गया।

भाजपा नेता ने दावा किया कि इन सभी आठ नियुक्तियों में शिक्षा मंत्री के विधानसभा क्षेत्र जुब्बल-कोटखाई के लोगों को नियुक्त किया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पूरे हिमाचल प्रदेश में योग्य अभ्यर्थी केवल उसी विधानसभा क्षेत्र में थे, जबकि अन्य जिलों के बेरोजगार युवाओं को अवसर नहीं मिला।उन्होंने आरोप लगाया कि यह भर्ती प्रक्रिया पक्षपातपूर्ण प्रतीत होती है और इससे युवाओं का सरकारी भर्ती व्यवस्था पर भरोसा कमजोर हो रहा है। विनोद कुमार ने कहा कि शिक्षा बोर्ड प्रशासन और आउटसोर्स एजेंसी की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा सभी आठ नियुक्तियों को निरस्त कर पारदर्शी प्रक्रिया के तहत दोबारा भर्ती करने की मांग की है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन वर्तमान में भर्ती प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।

Related Topics: