Politics / राम मंदिर के चढ़ावे पर सियासत तेज: सुक्खू का भाजपा पर बड़ा हमला, बोले— ‘यह पैसे नहीं, करोड़ों लोगों की आस्था की चोरी’
Politics : अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मुद्दे पर हिमाचल की राजनीति में नया उबाल आ गया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला स्थित राम मंदिर में दर्शन के बाद भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि चढ़ावे में कथित गड़बड़ी केवल पैसे की चोरी नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास के साथ गंभीर विश्वासघात है।
शिमला
अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मुद्दे पर हिमाचल की राजनीति में नया उबाल आ गया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को अपने मंत्रिमंडल के साथ शिमला स्थित राम मंदिर में भगवान श्रीराम के दर्शन कर भाजपा पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि राम के नाम पर जुटाई गई श्रद्धालुओं की भेंट में गड़बड़ी केवल धन की चोरी नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था के साथ विश्वासघात है।
मुख्यमंत्री ने मंदिर में माथा टेकने के बाद कीर्तन में भी भाग लिया। इस दौरान मंत्री हर्षवर्धन चौहान, राजेश धर्माणी, अनिरुद्ध सिंह और विक्रमादित्य सिंह के अलावा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार तथा शिमला शहरी विधायक हरीश जनारथा भी मौजूद रहे।
मंदिर परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान राम के नाम पर चंदा जुटाने वालों को अपनी नीयत और भावना साफ रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोग अपनी श्रद्धा से गहने, धन और अन्य भेंट इसलिए अर्पित करते हैं क्योंकि उनकी आस्था भगवान राम में है। ऐसे में यदि उस चढ़ावे में किसी तरह की गड़बड़ी होती है तो यह केवल आर्थिक मामला नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचाने वाला गंभीर विषय है।
सुक्खू ने कहा कि जब राम मंदिर निर्माण हो रहा था, तब वह विधायक थे और उन्होंने भी मंदिर निर्माण के लिए अपनी ओर से सहयोग राशि दी थी। उन्होंने यह भी कहा कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर जहां देश के कई हिस्सों में आधे दिन का अवकाश घोषित किया गया था, वहीं हिमाचल प्रदेश में उनकी सरकार ने पूरे दिन का अवकाश देकर भगवान राम के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार भगवान राम के आदर्शों और रामराज्य की भावना को आधार बनाकर जनकल्याणकारी योजनाएं लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि हिंदू संस्कृति सबका सम्मान करना सिखाती है और जो वास्तव में भगवान राम के अनुयायी हैं, वे उनके नाम पर राजनीति नहीं करते।
उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल ने भगवान श्रीराम के चरणों में प्रार्थना की है कि राम के नाम पर राजनीति करने वालों और राजनीतिक चंदा जुटाने वालों को भगवान सद्बुद्धि दें। एसआईटी जांच के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून अपना काम करेगा, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात व्यक्ति की नीयत और भावना का शुद्ध होना है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल के आरोपों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह भी भगवान राम के प्रति उतनी ही गहरी आस्था रखते हैं और उनके बताए सत्य एवं ईमानदारी के मार्ग पर चलने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने भाजपा को आत्ममंथन की सलाह देते हुए कहा कि उसे अपनी भावना और नीयत पर विचार करना चाहिए। साथ ही दावा किया कि उनकी सरकार रामराज्य की भावना के अनुरूप ऐसी योजनाएं लागू कर रही है, जिनका सीधा लाभ प्रदेश के आम लोगों को मिल रहा है।
