धर्मशाला: हिमाचल प्रदेश के अधिकारियों ने जल प्रबंधन और बागबानी के बेहतर तरीकों को समझने के लिए पुणे में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य के बागबानों को लाभ पहुंचाना और उन्हें नई तकनीकों से अवगत कराना था, जिससे शिवा प्रोजेक्ट के तहत बागबानी गतिविधियों को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सके। अधिकारियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया गया, ताकि वे अपने क्षेत्रों में अन्य किसानों और बागबानों को जल प्रबंधन और बागबानी के बेहतर तरीके सिखा सकें।
शिवा प्रोजेक्ट: हिमाचल में बागबानी को मिलेगी नई दिशा
जल प्रबंधन और बागबानी में सुधार के लिए प्रशिक्षण
शिवा प्रोजेक्ट के तहत कांगड़ा, मंडी, सिरमौर, और हमीरपुर जिलों के उद्यान और जल शक्ति विभाग के अधिकारियों का एक दल 30 दिसंबर से 03 जनवरी तक पुणे स्थित राष्ट्रीय जल अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए गया था। इस दल का नेतृत्व पालमपुर में स्थित उद्यान विभाग की वास्तु विशेषज्ञ डॉ. सरिता ने किया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों को जल प्रबंधन और बागबानी के तकनीकी पहलुओं से परिचित कराना था, ताकि वे इन सिद्धांतों को अपने कार्यक्षेत्र में लागू कर सकें।
जल प्रबंधन के नए तरीकों की जानकारी
स्मार्ट सिंचाई प्रणाली और पानी के सही उपयोग पर ध्यान
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को विभिन्न जल प्रबंधन विधियों, जैसे लघु सिंचाई प्रणाली के सॉफ़्टवेयर डिजाइन और पानी के कुशल उपयोग पर विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि खेतों में पानी की सही मात्रा और समय पर आपूर्ति करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। जल का कुशलता से उपयोग करने से उत्पादन में वृद्धि हो सकती है, और संसाधनों की भी बचत होती है।
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सहभागी सिंचाई प्रबंधन पर प्रशिक्षण
इसके अलावा, अधिकारियों को सहभागी सिंचाई प्रबंधन के बारे में भी विस्तार से बताया गया, ताकि वे स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर जल संसाधनों का उचित प्रबंधन कर सकें।
बागबानी उत्पादन और विपणन पर ध्यान
विपणन की बेहतर सुविधाओं का प्रशिक्षण
प्रशिक्षण के दौरान बागबानी उत्पादन और विपणन से जुड़े समुदाय संगठनों के बारे में भी जानकारी दी गई। इसका उद्देश्य यह था कि हिमाचल प्रदेश में शिवा प्रोजेक्ट से जुड़े बागबान और किसान बेहतर विपणन सुविधाओं का लाभ उठा सकें। इस प्रशिक्षण से किसानों को यह सिखाया गया कि वे अपने उत्पादों को बाजार में कैसे सही तरीके से पेश कर सकते हैं और अधिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
फील्ड विजिट: आधुनिक कृषि और बागबानी की जानकारी
बारामती में आधुनिक तकनीकों का अध्ययन
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को कृषि विज्ञान केंद्र, बारामती की फील्ड विजिट भी कराई गई। इस विजिट में अधिकारियों ने आधुनिक तकनीक से खेती और बागबानी के टिप्स सीखे। यह फील्ड विजिट उन्हें नई तकनीकों को अपने कार्यक्षेत्र में लागू करने के लिए प्रेरित करेगी।
मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षण
प्रदेश के अधिकारियों को मिलेगा मास्टर ट्रेनर का दर्जा
प्रोजेक्ट डायरेक्टर एचपी शिवा, डॉ. देवेंद्र ठाकुर ने बताया कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य हिमाचल प्रदेश के उद्यान और जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार करना था। ये अधिकारी अब अन्य अधिकारियों और बागबानों को पानी और बागबानी के बेहतर प्रबंधन के साथ-साथ उत्पादों के विपणन के बारे में भी प्रशिक्षित करेंगे। इस पहल का उद्देश्य हिमाचल प्रदेश को एक फल-उत्पादन राज्य के रूप में विकसित करना है।
निष्कर्ष: हिमाचल में बागबानी के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम
शिवा प्रोजेक्ट के तहत यह प्रशिक्षण हिमाचल प्रदेश के बागबानों और किसानों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगा। अधिकारियों को जल प्रबंधन और बागबानी के नवीनतम तरीकों के बारे में जो ज्ञान प्राप्त हुआ है, वह राज्य में बागबानी के विकास में मदद करेगा और किसानों के जीवन स्तर को बेहतर बनाएगा। इस प्रशिक्षण के माध्यम से, अब राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में बागबान और किसान आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अधिक उत्पादन और बेहतर विपणन के अवसर पा सकेंगे।
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