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राहुल गांधी ने परीक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार से तीन मांगें रखीं, शिक्षा मंत्री पर उठाए सवाल

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कथित NEET पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर प्रेस वार्ता कर केंद्र सरकार के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री की जवाबदेही, प्रदर्शनकारी छात्रों से जुड़े मामलों में कार्रवाई और प्रधानमंत्री से सार्वजनिक माफी की मांग का उल्लेख किया।

नई दिल्ली

प्रेस वार्ता में रखीं तीन प्रमुख मांगें

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में कथित NEET पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में अनशन पर बैठे छात्रों से उनकी बातचीत हुई, जिसमें छात्रों ने परीक्षा प्रणाली, भर्ती प्रक्रिया और जवाबदेही से जुड़े कई मुद्दे उनके सामने रखे। राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की ओर से तीन प्रमुख मांगें सामने आई हैं, जिन्हें उन्होंने प्रेस वार्ता के माध्यम से सार्वजनिक किया। उनके अनुसार प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए इन मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े मामलों में विद्यार्थियों का विश्वास बनाए रखना सरकार और संबंधित संस्थाओं की जिम्मेदारी है।

शिक्षा मंत्री को लेकर रखी पहली मांग

राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की पहली मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में सामने आए विवादों और कथित पेपर लीक मामलों के मद्देनजर शिक्षा मंत्रालय की जवाबदेही तय होनी चाहिए। राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में शिक्षा मंत्रालय में बदलाव को लेकर चर्चा चल रही है और धर्मेंद्र प्रधान को किसी अन्य मंत्रालय की जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना पर विचार हो रहा है। हालांकि, उन्होंने कहा कि यदि केवल मंत्रालय बदला जाता है और जवाबदेही तय नहीं होती, तो इससे छात्रों की चिंताओं का समाधान नहीं होगा। इस संबंध में केंद्र सरकार की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

परीक्षा प्रणाली में सुधार और जवाबदेही पर जोर

राहुल गांधी ने कहा कि देशभर में लाखों विद्यार्थी मेडिकल, इंजीनियरिंग, केंद्रीय विश्वविद्यालयों और विभिन्न सरकारी नौकरियों से संबंधित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसे में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और पारदर्शिता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल के घटनाक्रमों के कारण छात्रों के बीच परीक्षा प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठे हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा आयोजन, मूल्यांकन और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जवाबदेही तय की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति न हो और अभ्यर्थियों का विश्वास कायम रहे।

अन्य दो मांगों का किया उल्लेख

प्रेस वार्ता के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की दूसरी मांग प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों पर कथित बल प्रयोग के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने की है। उन्होंने कहा कि तीसरी मांग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की है। राहुल गांधी के अनुसार ये दोनों मांगें भी छात्रों की ओर से उनके समक्ष रखी गई हैं और उन्होंने इन्हें सार्वजनिक रूप से सरकार के सामने रखा है।

सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार

राहुल गांधी ने कहा कि परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों पर सरकार को स्पष्ट रुख अपनाते हुए छात्रों की चिंताओं का समाधान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले लाखों अभ्यर्थियों का विश्वास बना रहे। समाचार लिखे जाने तक केंद्र सरकार या शिक्षा मंत्रालय की ओर से राहुल गांधी के आरोपों और उनकी ओर से रखी गई तीन मांगों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई थी।

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