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सरकारी संपत्ति के नुकसान की निष्पक्ष जांच हो, सिरमौर के विकास का हिसाब दे सरकार: राजीव बिंदल

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 7 Hours Ago • 1 Min Read

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने शिमला में निर्वाचन विभाग कार्यालय के बाहर कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज, वीडियो और पुलिस रिकॉर्ड के आधार पर जिम्मेदारी तय कर कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस सरकार से सिरमौर में स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पेयजल और विकास कार्यों का हिसाब सार्वजनिक करने को कहा।

नाहन

डॉ. बिंदल ने 26 सितंबर को जारी बयान में आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के संरक्षण में प्रदेश में राजनीतिक दबाव और अराजकता का वातावरण बन रहा है। उन्होंने कहा कि 25 सितंबर को शिमला में एसआईआर और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के विरोध में हुए कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान निर्वाचन विभाग कार्यालय की दीवारों और साइन बोर्ड पर नारे लिखे जाने तथा पुतला दहन की रिपोर्ट सामने आई हैं। प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों को धमकाने, पुलिस वाहन को नुकसान पहुंचाने और सरकारी कार्यालय को आग लगाने की धमकी देने जैसी बातें भी सामने आई हैं। उन्होंने मांग की कि घटनाक्रम से संबंधित सभी सीसीटीवी और वीडियो रिकॉर्ड सुरक्षित रखे जाएं तथा सरकारी संपत्ति को हुए नुकसान का आधिकारिक आकलन कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरोप प्रमाणित होने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ राजनीतिक पहचान से ऊपर उठकर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

डॉ. बिंदल ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक राजनीतिक दल को विरोध दर्ज कराने का अधिकार है, लेकिन सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का अधिकार किसी को नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन पर पुलिस मामले दर्ज किए जाते हैं, इसलिए सत्ताधारी दल से जुड़े लोगों के मामले में भी कानून का समान मानदंड लागू होना चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोपों को लेकर कांग्रेस से सत्यापन योग्य तथ्य और प्रमाण निर्धारित संवैधानिक एवं कानूनी मंचों पर रखने को कहा।

सोलन के प्रदर्शन पर भी उठाए सवाल

सोलन में कांग्रेस के एक कार्यक्रम के दौरान भैंस के आगे बीन बजाने के प्रतीकात्मक प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए डॉ. बिंदल ने इसे सत्ताधारी दल के भीतर नाराजगी का संकेत बताया। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस नेताओं को मुख्यमंत्री द्वारा उनकी बात नहीं सुने जाने या जिले की उपेक्षा की शिकायत है तो उन्हें यह विषय सीधे मुख्यमंत्री के सामने रखना चाहिए। उनके अनुसार, पार्टी के आंतरिक राजनीतिक विवाद को सड़क पर लाने से सोलन की समस्याओं का समाधान नहीं होगा।

सिरमौर के विकास पर मांगा रिपोर्ट कार्ड

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा पूर्व भाजपा सरकार पर लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. बिंदल ने कहा कि वर्तमान सरकार को सत्ता में आए लगभग चार वर्ष होने वाले हैं। उन्होंने सरकार से यह बताने को कहा कि सिरमौर में कितने विकास कार्य स्वीकृत हुए, उन पर कितना धन खर्च किया गया और कितनी योजनाएं पूरी हुईं। उन्होंने पेयजल, सड़कों तथा शिक्षण और स्वास्थ्य संस्थानों में रिक्त पदों की स्थिति पर भी जवाब मांगा।

डॉ. बिंदल ने नाहन मेडिकल कॉलेज के आधारभूत ढांचे को लेकर सरकार से समयबद्ध जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि मेडिकल कॉलेज का पूरा आधारभूत ढांचा कब तैयार होगा। उनका कहना था कि सिरमौर की जनता स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यों की वास्तविक प्रगति जानना चाहती है तथा केवल घोषणाओं के बजाय योजनाओं के क्रियान्वयन का विवरण सामने आना चाहिए।

किशाऊ परियोजना में अधिकार स्पष्ट करने की मांग

किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना पर डॉ. बिंदल ने हिमाचल प्रदेश के वित्तीय दायित्व, जल अधिकार, बिजली में हिस्सेदारी और सिरमौर के किसानों को मिलने वाले सिंचाई लाभ की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि छह राज्यों से संबंधित परियोजना पर 15 सितंबर को अंतरराज्यीय समझौता हुआ है, इसलिए प्रदेश सरकार को बताना चाहिए कि सिरमौर के किसानों को कितना सिंचाई जल मिलेगा और राज्य की संभावित आय का आधार क्या होगा।

उन्होंने गिरी-बाटा परियोजना से पांवटा दून के कृषि क्षेत्र को मिले सिंचाई लाभ का उल्लेख करते हुए कहा कि किशाऊ परियोजना में भी किसानों के दीर्घकालिक हित स्पष्ट रूप से सुरक्षित किए जाने चाहिए। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित सिरमौर प्रवास के रद्द होने पर उन्होंने प्रशासनिक तैयारियों में हुए सरकारी खर्च का विवरण सार्वजनिक करने की मांग भी की। डॉ. बिंदल ने कहा कि कांग्रेस सरकार को आरोप-प्रत्यारोप के बजाय अपने लगभग चार वर्षों के शासन का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखना चाहिए।

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