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राजगढ़ बैसाखी मेले का समापन, विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सांस्कृतिक संध्या में की शिरकत

PRIYANKA THAKUR • 17 Apr 2026 • 1 Min Read

Himachalnow / नाहन

राजगढ़ में आयोजित तीन दिवसीय जिला स्तरीय बैसाखी मेले का समापन विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया की उपस्थिति में हुआ।समापन अवसर पर उन्होंने मेले के सामाजिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक महत्व पर अपने विचार साझा किए और आयोजन समिति को सहयोग की घोषणा की।

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बैसाखी मेले का समापन कार्यक्रम आयोजित
राजगढ़ में आयोजित जिला स्तरीय बैसाखी मेले की अंतिम सांस्कृतिक संध्या में हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने बतौर मुख्य अतिथि भाग लिया। तीन दिवसीय इस आयोजन के समापन अवसर पर स्थानीय लोगों और विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिभागियों की उपस्थिति रही, जहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मेले का समापन किया गया।

मेले के महत्व पर रखा पक्ष
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने अपने संबोधन में कहा कि राजगढ़ का यह मेला क्षेत्र के आराध्य देव शिरगुल महाराज के नाम पर आयोजित किया जाता है और इसका धार्मिक, सामाजिक तथा व्यापारिक महत्व है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन स्थानीय परंपराओं और सामाजिक गतिविधियों को एक मंच प्रदान करते हैं, जिससे क्षेत्रीय पहचान को बनाए रखने में सहायता मिलती है।

संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण पर जोर
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में मेलों और त्यौहारों के माध्यम से पारंपरिक संस्कृति और रीति-रिवाजों को संरक्षित रखने का अवसर मिलता है। इस प्रकार के आयोजनों से स्थानीय समुदाय के बीच समन्वय बना रहता है और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं को समझने का अवसर प्राप्त होता है।

मेला समिति को आर्थिक सहयोग और स्मारिका विमोचन
विधानसभा अध्यक्ष ने मेला कमेटी को एक लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने आयोजन समिति द्वारा प्रकाशित स्मारिका का विमोचन भी किया, जिसमें मेले से जुड़ी गतिविधियों और जानकारी को संकलित किया गया है।

सम्मान समारोह और उपस्थिति
कार्यक्रम के दौरान पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गंगूराम मुसाफिर ने भी अपने विचार साझा किए और मुख्य अतिथि का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर कुलदीप सिंह पठानिया को शॉल, टोपी और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक निश्चिंत सिंह नेगी, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी एलआर वर्मा, राज्य सहकारी बैंक के निदेशक भारत भूषण मोहिल सहित अन्य अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।