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राजगढ़ में बारिश बनी आफत, सड़कें बनीं नदियां, दुकानों में घुस रहा पानी

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 3 Hours Ago • 1 Min Read

राजगढ़ शहर में हल्की बारिश के बाद भी जलभराव की गंभीर समस्या फिर से सामने आ गई है, जिससे सड़कें नदियों जैसी बन गई हैं और आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। दुकानों में पानी घुसने से व्यापारियों को हर साल आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है और आवागमन भी बाधित हो रहा है। स्थानीय लोगों ने स्थायी जल निकासी व्यवस्था की मांग की है।

राजगढ़

राजगढ़ शहर में बरसात का मौसम शुरू होते ही जलभराव की पुरानी समस्या एक बार फिर लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बनकर सामने आ गई है। हल्की बारिश में भी शहर की प्रमुख सड़कें पानी से लबालब भर जाती हैं, जबकि कई स्थानों पर बारिश का पानी तेज बहाव के साथ नदी का रूप धारण कर लेता है। इससे राहगीरों, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय लोगों के अनुसार शहर में जगह-जगह जलभराव होने से आवागमन प्रभावित हो रहा है। कई स्थानों पर लोगों को जोखिम उठाकर सड़क पार करनी पड़ रही है। बारिश के दौरान हालात इतने खराब हो जाते हैं कि सड़क और नालों के बीच का अंतर तक दिखाई नहीं देता।

व्यापारियों ने बताया कि बारिश का पानी सीधे दुकानों में घुस जाता है, जिससे हर वर्ष आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। कई दुकानदारों को अपना सामान सुरक्षित रखने के लिए ऊंचे स्थानों पर रखना पड़ता है, जबकि कुछ स्थानों पर पानी भरने से कारोबार प्रभावित हो जाता है। जलभराव के कारण ग्राहकों की आवाजाही भी कम हो जाती है।शहरवासियों का कहना है कि राजगढ़ में वर्षों से प्रभावी जल निकासी व्यवस्था का अभाव बना हुआ है। जहां नालियां बनी हुई हैं, वहां उनकी क्षमता पर्याप्त नहीं है, जबकि कई स्थानों पर नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से पानी की निकासी बाधित हो जाती है। परिणामस्वरूप वर्षा का पानी सड़कों पर बहने लगता है और पूरे शहर को परेशानी झेलनी पड़ती है।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि विभिन्न सरकारों और जनप्रतिनिधियों द्वारा समय-समय पर जल निकासी व्यवस्था को सुधारने के दावे किए गए, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान आज तक नहीं हो पाया। हर मानसून में शहरवासियों को जलभराव, यातायात बाधित होने और संपत्ति को नुकसान जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।लोगों ने प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि शहर के लिए वैज्ञानिक आधार पर समग्र ड्रेनेज योजना तैयार की जाए। साथ ही नई नालियों का निर्माण, पुराने नालों की नियमित सफाई तथा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष जल निकासी व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि वर्षों पुरानी इस समस्या का स्थायी समाधान हो सके।इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता पवन गर्ग ने बताया कि शहर के आसपास कई स्थानों पर नालियां बंद होने के कारण बारिश का पानी सड़कों पर आ जाता है। उन्होंने कहा कि समस्या के समाधान के लिए शीघ्र ही आवश्यक कार्य शुरू किया जाएगा।