धर्मपुर में एंटी चिट्टा जागरूकता कार्यक्रम, नशा रोकथाम में समाज सहयोग पर जोर
सोलन उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने धर्मपुर में आयोजित एंटी चिट्टा जागरूकता कार्यक्रम में नशे के खिलाफ जन जागरूकता को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि समाज, प्रशासन और अभिभावकों के संयुक्त सहयोग से युवाओं को नशे से दूर रखा जा सकता है।
सोलन
एंटी चिट्टा अभियान पर जिला प्रशासन का फोकस
राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धर्मपुर में आयोजित एंटी चिट्टा जागरूकता कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने कहा कि नशे के खिलाफ प्रभावी जन जागरूकता किसी भी रोकथाम अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि चिट्टा सहित विभिन्न मादक पदार्थों का सेवन युवाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक जीवन को प्रभावित करता है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर स्कूलों, कॉलेजों और पंचायत स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि युवाओं और अभिभावकों तक नशे से संबंधित जानकारी पहुंचाई जा सके। उन्होंने कहा कि इस दिशा में प्रशासनिक विभागों के साथ-साथ स्थानीय समुदाय की भागीदारी भी आवश्यक है।
युवाओं को जागरूक करने पर जोर
उपायुक्त ने विद्यार्थियों और युवाओं से शिक्षा, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों तथा अन्य रचनात्मक कार्यों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना नशे की रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी क्षेत्र में मादक पदार्थों से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलती है तो उसकी सूचना प्रशासन या पुलिस को दी जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी सूचनाएं देने वाले व्यक्तियों की पहचान गोपनीय रखी जाती है और संबंधित एजेंसियां नियमानुसार कार्रवाई करती हैं।
प्रशासनिक और सामाजिक समन्वय
मनमोहन शर्मा ने कहा कि जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से एंटी चिट्टा जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को नशे के स्वास्थ्य संबंधी, सामाजिक और कानूनी पहलुओं की जानकारी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के निर्देशों के अनुरूप मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार से जुड़े मामलों में संबंधित एजेंसियां नियमित कार्रवाई कर रही हैं। प्रशासन का उद्देश्य जागरूकता और कानून प्रवर्तन दोनों माध्यमों से नशे की समस्या पर नियंत्रण स्थापित करना है।
अभिभावकों और शिक्षकों की भूमिका
उपायुक्त ने कहा कि बच्चों और किशोरों के जीवन में अभिभावकों तथा शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की दिनचर्या, मित्र मंडली और व्यवहार में होने वाले परिवर्तनों पर ध्यान देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि समय पर संवाद और मार्गदर्शन से कई सामाजिक चुनौतियों को रोका जा सकता है। शिक्षकों से भी विद्यार्थियों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने और आवश्यकता पड़ने पर परामर्श उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया।
छात्रों की प्रस्तुति और सहभागिता
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने नशा निवारण विषय पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। प्रस्तुति के माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों और जागरूकता के महत्व को दर्शाया गया। कार्यक्रम में छात्रों ने विभिन्न गतिविधियों में भाग लेते हुए नशा मुक्त समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।
स्थानीय प्रतिनिधियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में ग्राम पंचायत धर्मपुर के प्रधान महेश गुप्ता, राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धर्मपुर की प्रधानाचार्य धर्मवीर कौर, विभिन्न विभागों के अधिकारी, शिक्षकगण तथा बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान नशा रोकथाम से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई और जागरूकता गतिविधियों को आगे भी जारी रखने पर बल दिया गया।
