कांग्रेस सरकार में हिमाचल की आर्थिक स्थिति प्रभावित, विकास कार्यों में कमी आई : डॉ. राजीव बिंदल
Himachalnow / नाहन
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने नाहन में जिला परिषद चुनाव नामांकन कार्यक्रम के दौरान प्रदेश सरकार की आर्थिक और विकास नीतियों को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास कार्यों की गति प्रभावित हुई है तथा कई संस्थानों को बंद किए जाने से ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं पर असर पड़ा है।
नाहन
जिला परिषद चुनाव नामांकन कार्यक्रम में शामिल हुए डॉ. राजीव बिंदल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने नाहन में जिला परिषद चुनावों को लेकर आयोजित नामांकन कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने बताया that त्रिलोकपुर वार्ड से भाजपा समर्थित उम्मीदवार एवं भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व अध्यक्ष तथा पूर्व बीडीसी सदस्य प्रमिला शर्मा और रेणुका-ददाहू वार्ड से उम्मीदवार शिवानी ने अपना नामांकन दाखिल किया। उन्होंने कहा कि दोनों उम्मीदवार स्थानीय मुद्दों और क्षेत्रीय विकास से जुड़े विषयों को जिला परिषद में उठाने का कार्य करेंगी।
प्रदेश की आर्थिक स्थिति और विकास कार्यों को लेकर कही बात
डॉ. बिंदल ने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में प्रदेश की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है तथा विकास कार्यों की गति में कमी देखने को मिली है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों में प्रदेश सरकार द्वारा लगभग 45,000 करोड़ रुपये का ऋण लिया गया है और आने वाले समय में भी ऋण लेने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि केवल इसी महीने लगभग 1500 करोड़ रुपये का नया ऋण लेने की तैयारी की जा रही है।उन्होंने कहा कि इसके बावजूद प्रदेश में कई विकास योजनाओं का कार्य अपेक्षित स्तर पर दिखाई नहीं दे रहा है। डॉ. बिंदल ने कहा कि प्रदेश में सड़क निर्माण कार्य प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत केंद्र सरकार के सहयोग से संचालित हो रहे हैं, जबकि पुल निर्माण कार्य सीआरएफ और अन्य केंद्र पोषित योजनाओं के माध्यम से किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि फोरलेन और राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं भी केंद्र सरकार के सहयोग से आगे बढ़ रही हैं तथा प्रदेश सरकार की अपनी विकास योजनाओं की प्रगति सीमित दिखाई दे रही है।
संस्थानों को बंद किए जाने का मुद्दा भी उठाया
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सिरमौर जिला में विभिन्न प्रशासनिक और सार्वजनिक संस्थानों को बंद किए जाने से स्थानीय स्तर पर लोगों को सुविधाओं से संबंधित दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बंद किए गए संस्थानों में स्कूल, अस्पताल, पटवार सर्कल, तहसील, सब-तहसील तथा लोक निर्माण और जल शक्ति विभाग के कार्यालय शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं के विस्तार के उद्देश्य से कई संस्थान शुरू किए गए थे।डॉ. बिंदल ने कहा कि प्रदेश में 100 से अधिक संस्थानों को बंद किया गया है और अब 100 अन्य स्कूलों को बंद किए जाने की तैयारी से जुड़ी चर्चाएं भी सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि इन निर्णयों का प्रभाव ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और प्रशासनिक सेवाओं पर पड़ सकता है।
पंचायत और जिला परिषद चुनावों को लेकर कार्यकर्ताओं से किया आह्वान
डॉ. बिंदल ने कहा कि पंचायत और जिला परिषद चुनाव स्थानीय विकास और प्रशासनिक मुद्दों से जुड़े महत्वपूर्ण चुनाव हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर पार्टी की नीतियों, विकास कार्यों और स्थानीय मुद्दों को लोगों तक पहुंचाने तथा भाजपा समर्थित उम्मीदवारों के पक्ष में जनसंपर्क करने का आह्वान किया।