आठ बेरोजगार युवाओं को 50% अनुदान पर इलेक्ट्रिक वाहन, बना स्वरोजगार का मजबूत जरिया
Himachalnow / चंबा
सरकारी विभागों में ई-वाहनों का संचालन, हर महीने कमा रहे हैं 50 हज़ार रुपये
हिमाचल प्रदेश सरकार ने अपने दो वर्षों के कार्यकाल में विकास के साथ-साथ बेरोजगारी से निपटने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। इनमें से एक है राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना, जो बेरोजगार युवाओं के लिए वरदान साबित हो रही है। यह योजना खासतौर पर जिला चंबा में युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता का माध्यम बनी है।
योजना के तहत 50% सब्सिडी पर ई-टैक्सी
इस योजना के लाभार्थियों में चंबा के आठ युवाओं ने 50% सरकारी सब्सिडी पर ई-टैक्सियां खरीदी हैं। इन युवाओं ने अपनी टैक्सियों को सरकारी विभागों में अटैच कर हर महीने 50,000 रुपये की निश्चित आय सुनिश्चित की है। लाभार्थियों का कहना है कि ई-वाहन खरीदने से उनका जीवन खुशहाल हुआ है। पेट्रोल की महंगाई और प्रतिस्पर्धा के मुकाबले यह एक बेहतर विकल्प साबित हुआ है।
पर्यावरण अनुकूल और आर्थिक सशक्तिकरण
ई-वाहन न केवल पर्यावरण के अनुकूल हैं बल्कि कम खर्च में अधिक आय का जरिया भी बने हैं। राज्य सरकार की यह योजना बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार प्रदान करने और प्रदेश को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।
सरकारी विभागों में ई-वाहनों को शामिल करने की योजना
उपायुक्त चंबा मुकेश रेपसवाल ने बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार चरणबद्ध तरीके से सरकारी विभागों में पुराने वाहनों को ई-वाहनों से बदल रही है। इस योजना के तहत ई-टैक्सियों को सरकारी विभागों में चार से पांच वर्षों के लिए अटैच किया जा रहा है। यह कदम न केवल युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान कर रहा है, बल्कि उन्हें वाहन का मालिक भी बना रहा है।
वित्तीय सहायता और सब्सिडी का प्रावधान
जिला रोजगार अधिकारी अरविंद चौहान ने बताया कि योजना के तहत 50% सब्सिडी के अलावा 40% पर 7.9% ब्याज के साथ बैंक लोन दिया जा रहा है। लाभार्थी को केवल 10% का योगदान देना होता है। चंबा जिले में अब तक 19 युवाओं ने आवेदन किया है, जिनमें से आठ युवाओं ने ई-वाहन खरीद लिए हैं। बाकी आवेदकों के दस्तावेजों की जांच के बाद प्रक्रिया जारी है।
विस्तृत जानकारी के लिए संपर्क
योजना के संबंध में अधिक जानकारी के लिए इच्छुक व्यक्ति जिला रोजगार अधिकारी कार्यालय चंबा से संपर्क कर सकते हैं। इस योजना का उद्देश्य हिमाचल के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और राज्य को प्रदूषण मुक्त बनाना है।