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राज्यपाल ने नशे के खिलाफ एकजुटता और समाज सुधार के लिए पांच संकल्प अपनाने का किया आह्वान

PRIYANKA THAKUR • 4 Hours Ago • 1 Min Read

Himachalnow / शिमला

राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने समाज में नशे के खिलाफ एकजुट होकर कार्य करने और बेहतर व समृद्ध समाज निर्माण के लिए पांच संकल्प अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नैतिक मूल्यों, ईमानदारी और सामाजिक जिम्मेदारी को अपनाकर ही समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

शिमला

कार्यक्रम में राज्यपाल का संबोधन
राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता मंगलवार सायं गेयटी थियेटर में मातृवंदना संस्थान द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि समाज को बेहतर, सशक्त और समृद्ध बनाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से समझना होगा और उसे निभाने के लिए आगे आना होगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने जीवन में नशे से दूर रहने, अच्छे संस्कारों को अपनाने, नैतिक मूल्यों और ईमानदारी को व्यवहार में लाने, समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन करने तथा देश के प्रति सम्मान और समर्पण की भावना रखने जैसे पांच संकल्पों को अपनाएं। उन्होंने कहा कि यदि समाज का हर व्यक्ति इन मूल्यों को अपनाता है, तो एक सकारात्मक और मजबूत सामाजिक ढांचे का निर्माण संभव है।

नशा समस्या पर चिंता और सामूहिक प्रयास
राज्यपाल ने प्रदेश में बढ़ती नशे की समस्या पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह आज समाज के सामने एक गंभीर और चुनौतीपूर्ण स्थिति बन चुकी है, जिसे केवल सामूहिक प्रयासों से ही जड़ से समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की इस बुराई से दूर रखने के लिए समाज, प्रशासन, परिवार और सभी संस्थाओं को मिलकर काम करना होगा, ताकि हिमाचल को पूरी तरह नशामुक्त बनाया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि जनभागीदारी से ही सफल हो सकती है और इसमें हर वर्ग की सक्रिय भूमिका आवश्यक है।

संस्कृति, पत्रिका और सामाजिक योगदान
राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत पर भी विस्तार से प्रकाश डाला और कहा कि यह देवभूमि अनुशासन, सेवा, सहयोग और नैतिक मूल्यों के लिए जानी जाती है। उन्होंने कहा कि यहां की संस्कृति लोगों को एकजुट रहने और कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य एवं समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देती है। इस अवसर पर उन्होंने ‘मातृवंदना’ पत्रिका के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रकाशन समाज में सकारात्मक विचारों के प्रसार, ज्ञानवर्धन और युवाओं को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कार्यक्रम में पत्रिका के विशेष अंक और कैलेंडर का भी विमोचन किया गया, जिसे उन्होंने समाज के लिए उपयोगी पहल बताया।