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Pocso / रामपुर पोक्सो कोर्ट का फैसला, नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आरोपी को डीएनए साक्ष्य पर 20 वर्ष की सजा

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Himachalnow / शिमला

Pocso : रामपुर स्थित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (पोक्सो कोर्ट) ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी अर्जुन सिंह को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने डीएनए रिपोर्ट सहित प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर यह फैसला सुनाया है।

रामपुर बुशहर

अदालत का विस्तृत फैसला
पोक्सो कोर्ट रामपुर ने मामले की सुनवाई के बाद आरोपी अर्जुन सिंह को दोषी पाया और उसे 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही अदालत ने 15,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। न्यायालय ने पीड़िता को 1,00,000 रुपये का मुआवजा देने का आदेश भी पारित किया है। यह फैसला सभी साक्ष्यों और गवाहियों के विस्तृत परीक्षण के बाद सुनाया गया।

घटना और पुलिस जांच प्रक्रिया
मामले की जानकारी देते हुए उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने बताया कि यह घटना जनवरी 2023 की है। रिकांगपिओ से आई नाबालिग अपने परिवार के साथ थी, जहां से उसे आरोपी द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाने का मामला सामने आया। घटना के बाद परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। पुलिस जांच के दौरान पीड़िता को एक रिश्तेदार के घर से बरामद किया गया और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।

डीएनए रिपोर्ट से मामले का खुलासा
जांच के दौरान मेडिकल परीक्षण में पीड़िता के गर्भवती होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद शिशु के जन्म पर उसका डीएनए टेस्ट कराया गया। परीक्षण रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी अर्जुन सिंह ही बच्चे का जैविक पिता है। यह वैज्ञानिक साक्ष्य मामले में सबसे महत्वपूर्ण और निर्णायक साबित हुआ, जिसके आधार पर अदालत ने अपना निर्णय दिया।

अदालत में पेश साक्ष्य और सुनवाई
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में कुल 26 सरकारी गवाहों और एक बचाव पक्ष के गवाह के बयान दर्ज किए गए। दोनों पक्षों की दलीलों और उपलब्ध साक्ष्यों पर विस्तार से विचार करने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया। इसके बाद न्यायालय ने सजा और मुआवजे का आदेश जारी किया।