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Robotic Surgery / निजी अस्पतालों में 6-7 लाख की रोबोटिक सर्जरी हिमाचल के सरकारी संस्थानों में 30 से 80 हजार में: पठानिया

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 1 Hour Ago • 1 Min Read

हिमाचल प्रदेश में रोबोटिक सर्जरी के जरिए मरीजों को निजी अस्पतालों के मुकाबले काफी कम खर्च पर आधुनिक उपचार उपलब्ध करवाने का दावा किया गया है। विधानसभा के उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि निजी अस्पतालों में जिस रोबोटिक सर्जरी पर करीब 6 से 7 लाख रुपये खर्च होते हैं, वही प्रक्रिया प्रदेश के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में लगभग 30 हजार से 80 हजार रुपये में उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने बताया कि आईजीएमसी शिमला, टांडा, नेरचौक मेडिकल कॉलेज और चमियाणा में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है।

कांगड़ा/धर्मशाला

चार बड़े स्वास्थ्य संस्थानों में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा

धर्मशाला में पत्रकार वार्ता के दौरान उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण को लेकर सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहली बार रोबोटिक सर्जरी जैसी आधुनिक चिकित्सा सुविधा शुरू की गई है।

उनके अनुसार वर्तमान में आईजीएमसी शिमला, डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज टांडा, नेरचौक मेडिकल कॉलेज और चमियाणा स्थित अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटीज में यह सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। इससे मरीजों को आधुनिक उपचार के लिए प्रदेश से बाहर जाने की जरूरत कम करने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है।

6-7 लाख की सर्जरी पर सरकारी संस्थानों में 30 से 80 हजार खर्च

पठानिया ने कहा कि निजी अस्पतालों में रोबोटिक सर्जरी करवाने पर मरीजों को लगभग 6 से 7 लाख रुपये खर्च करने पड़ते हैं। इसके मुकाबले हिमाचल के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में यही प्रक्रिया लगभग 30 हजार से 80 हजार रुपये में उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास आधुनिक और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाओं को आम लोगों की पहुंच में लाना है, ताकि आर्थिक कारणों से मरीज अत्याधुनिक उपचार से वंचित न रहें।

पुरानी मशीनरी बदलने के लिए 1000 करोड़ रुपये जारी करने का दावा

पठानिया के अनुसार प्रदेश के छह प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों में पुरानी और आउटडेटेड मशीनरी को बदलने के लिए सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट में ही 1000 करोड़ रुपये जारी किए थे। इसके तहत स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक एमआरआई, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे मशीनों सहित अन्य अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक जांच उपकरण उपलब्ध होने से मरीजों को बेहतर डायग्नोस्टिक सुविधाएं प्रदेश के भीतर ही उपलब्ध करवाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

70 आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों में छह-छह विशेषज्ञ डॉक्टरों की व्यवस्था

प्रदेश में 70 आदर्श स्वास्थ्य संस्थान विकसित किए जा रहे हैं। पठानिया ने बताया कि इन संस्थानों में छह-छह विशेषज्ञ चिकित्सकों की व्यवस्था के साथ मरीजों को 134 प्रकार की प्रयोगशाला जांच की सुविधा उपलब्ध करवाने पर जोर दिया जा रहा है। इन स्वास्थ्य संस्थानों को आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और आवश्यक पैरामेडिकल स्टाफ से भी सुसज्जित करने की योजना है। इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर ही विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना और बड़े अस्पतालों पर मरीजों का दबाव कम करना है।

डॉक्टरों के भरे पदों का अनुपात 30 से बढ़कर 70 प्रतिशत होने का दावा

पठानिया ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में चिकित्सकों के स्वीकृत पदों के मुकाबले भरे हुए पदों का अनुपात लगभग 30 प्रतिशत से बढ़कर 70 प्रतिशत तक पहुंच गया है। उन्होंने इसे प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। पत्रकार वार्ता में राज्य कांग्रेस प्रवक्ता पुनीत मल्ली सहित कांग्रेस के स्थानीय पदाधिकारी, होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल धीमान और ओल्ड स्टूडेंट एसोसिएशन धर्मशाला कॉलेज के संजीव गांधी भी मौजूद रहे।

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