सावन बरवाल के रजत से पुरुष मैराथन में भारत का 44 साल का पदक इंतजार खत्म
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के जोगिंद्रनगर निवासी धावक सावन बरवाल ने जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियाई खेल 2026 की पुरुष मैराथन में रजत पदक जीता है। उन्होंने 42.195 किलोमीटर की दौड़ 2 घंटे 11 मिनट 36 सेकंड में पूरी कर अपना राष्ट्रीय रिकॉर्ड बेहतर किया। इस उपलब्धि के साथ पुरुष मैराथन में भारत का 44 वर्षों से चला आ रहा एशियाई खेलों के पदक का इंतजार भी समाप्त हो गया।
मंडी/जोगिंद्रनगर
2 घंटे 11 मिनट 36 सेकंड में पूरी की दौड़
सावन बरवाल ने शनिवार को हुई पुरुष मैराथन में शुरुआत से ही अग्रणी धावकों के बीच अपनी जगह बनाए रखी। वह 21 किलोमीटर के पड़ाव पर दूसरे स्थान पर चल रहे थे और 35 किलोमीटर तक भी पदक की स्थिति में बने रहे। अंतिम चरण में जापान के धावक ने बढ़त हासिल की, लेकिन सावन ने अपनी गति कायम रखते हुए रजत पदक सुनिश्चित किया। उन्होंने 42.195 किलोमीटर की पूरी मैराथन 2 घंटे 11 मिनट 36 सेकंड में पूरी की।
अपने राष्ट्रीय रिकॉर्ड में किया सुधार
इस प्रदर्शन के साथ सावन ने अपने ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड को और बेहतर किया। इससे पहले अप्रैल में रॉटरडैम मैराथन के दौरान उन्होंने 2 घंटे 11 मिनट 58 सेकंड का समय दर्ज किया था। उस प्रदर्शन से उन्होंने शिवनाथ सिंह का वर्ष 1978 से कायम 2 घंटे 12 मिनट का राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा था। अब एशियाई खेलों में 2 घंटे 11 मिनट 36 सेकंड का समय निकालकर उन्होंने अपने पिछले रिकॉर्ड में 22 सेकंड का सुधार किया है।
चार दशक से अधिक समय बाद मिला पदक
भारत ने इससे पहले वर्ष 1982 में दिल्ली में आयोजित एशियाई खेलों की पुरुष मैराथन में पदक जीता था। सावन की उपलब्धि के साथ इस स्पर्धा में भारत का 44 साल का पदक इंतजार समाप्त हो गया। वह एशियाई खेलों के इतिहास में मैराथन पदक जीतने वाले भारत के चौथे धावक बन गए हैं। पुरुष मैराथन में जापान के इचिटाका यामाशिता ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि चीन के फेंग पेइयू ने कांस्य पदक हासिल किया।
जोगिंद्रनगर और मंडी में खुशी
सावन बरवाल के रजत पदक जीतने पर उनके पहले खेल प्रशिक्षक गोपाल ठाकुर ने खुशी जताई है। हिमाचल के धावक की इस उपलब्धि के बाद जोगिंद्रनगर और मंडी जिले में भी खुशी का माहौल है। सावन ने राष्ट्रीय रिकॉर्ड में सुधार करने के साथ एशियाई खेलों की पुरुष मैराथन में भारत के लंबे पदक इंतजार को समाप्त कर अपनी उपलब्धि को और महत्वपूर्ण बना दिया है।