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Shardiya Navratri 2022 : कब से शुरू हो रहे शारदीय नवरात्र? जानिए- शुभ मुहूर्त और पूजन विधि

SAPNA THAKUR | 27 अगस्त 2022 at 2:20 pm

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HNN/ शिमला

हिमाचल प्रदेश के तमाम शक्तिपीठों में अगले माह से मां के जयकारे गूंजने वाले हैं। हालांकि, वीकेंड सहित अन्य दिनों में बाहरी राज्यों के श्रद्धालु हजारों की तादाद में प्रदेश के शक्तिपीठों में शीश नवाने पहुंच रहे हैं, परंतु अगले माह से शारदीय नवरात्र शुरू हो रहे हैं जिसके चलते शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं की आमद और अधिक बढ़ेगी। आपको बता दें कि मां दुर्गा के भक्तों को पूरे साल शारदीय नवरात्र का इंतजार रहता है। इस त्योहार में 9 दिन मां दुर्गा के 9 रूपों की पूजा की जाती है और दसवें दिन दशहरा मनाया जाता है।

हिंदू धर्म में भी शारदीय नवरात्र का विशेष महत्व बताया गया है। शारदीय नवरात्र में नौ दिन तक शक्तिपीठों श्री नयनादेवी, ज्वालामुखी मंदिर, नंदिकेश्वर धाम चामुंडा, बज्रेश्वरी मंदिर सहित चिंतपूर्णी मंदिर में माता के जयकारे गूंजते हैं। अश्वनी माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नवरात्रि की शुरुआत होती है। इस बार शारदीय नवरात्र का महापर्व 26 सितंबर, सोमवार से शुरू होगा और 5 अक्टूबर, बुधवार तक मनाया जाएगा।

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शारदीय नवरात्र पूजा विधि
नवरात्र के सभी दिनों में सुबह जल्दी उठकर नहाएं और साफ कपड़े पहनें। पहले दिन शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना की प्रक्रिया को पूरा करें। कलश में गंगाजल भरें, और उसके मुख के ऊपर आम के पत्ते रखें। कलश की गर्दन को पवित्र लाल धागे या मोली लपेटें और नारियल को लाल चुनरी के साथ लपेटें। नारियल को आम के पत्तों के ऊपर रखें। कलश को मिट्टी के बर्तन के पास या उस पर रखें। मिट्टी के बर्तन पर जौ के बीज बोएं और नवमी तक हर रोज कुछ पानी छिड़कें।

इन नौ दिनों में मां दुर्गा मंत्रों का जाप करें। देवताओं की पूजा भी करें, जिसमें फूल, कपूर, अगरबत्ती, खुशबू और पके हुए व्यंजनों के साथ पूजा करनी चाहिए। आठवें और नौवें दिन, एक ही पूजा करें और अपने घर पर नौ लड़कियों को आमंत्रित करें। ये नौ लड़कियां मां दुर्गा के नौ रूपों का प्रतिनिधित्व करती हैं। इसलिए, उन्हें एक साफ और आरामदायक जगह पर बैठाकर उनके पैरों को धोएं। उनकी पूजा करें, उनके माथे पर तिलक लगाएं और उन्हें स्वादिष्ट भोजन परोसें। दुर्गा पूजा के बाद अंतिम दिन, घट विसर्जन करें।

शारदीय नवरात्र 2022 शुभ मुहूर्त
शारदीय नवरात्र 26 सितंबर से शुरू होकर 5 अक्टूबर को समाप्त होंगे। पूजा का शुभ मुहूर्त 26 सितंबर को सुबह 11 बजकर 54 मिनट से लेकर 12 बजकर 42 मिनट तक रहेगा। शारदीय नवरात्र में कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त 26 सितंबर को सुबह 6 बजकर बजकर 20 से लेकर 10 बजकर 19 मिनट तक रहेगा।

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