शिमला कैंसर अस्पताल में जून से शुरू होगी 30 करोड़ की लिनियर एक्सेलेरेटर मशीन, मरीजों को मिलेगा लाभ
Himachalnow / शिमला
शिमला के कैंसर अस्पताल में स्थापित 30 करोड़ रुपये की लागत वाली अत्याधुनिक लिनियर एक्सेलेरेटर मशीन जून महीने से शुरू होने की संभावना है। इसके शुरू होने से प्रदेश के कैंसर मरीजों को रेडियोथैरेपी के लिए बाहरी राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
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मशीन संचालन की प्रक्रिया अंतिम चरण में
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कैंसर अस्पताल में स्थापित लिनियर एक्सेलेरेटर (LINAC) मशीन का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। मशीन की स्थापना और प्रारंभिक तकनीकी परीक्षण पूरे किए जा चुके हैं और अब केवल एटॉमिक रेडिएशन बोर्ड (ARB) से अंतिम मंजूरी का इंतजार है। विभाग का कहना है कि मंजूरी मिलते ही जून महीने में मशीन को पूरी तरह से मरीजों के उपचार के लिए शुरू कर दिया जाएगा।
रेडियोथैरेपी में आधुनिक तकनीक का उपयोग
लिनियर एक्सेलेरेटर मशीन कैंसर उपचार के लिए उन्नत रेडियोथैरेपी तकनीक पर आधारित है। यह मशीन कैंसर कोशिकाओं पर सीधे नियंत्रित रेडिएशन प्रदान करती है, जिससे प्रभावित हिस्से का सटीक उपचार संभव होता है। विशेषज्ञों के अनुसार इस तकनीक से आसपास के स्वस्थ ऊतकों को अपेक्षाकृत कम नुकसान पहुंचता है और उपचार अधिक प्रभावी माना जाता है।
मरीजों को बाहरी राज्यों पर निर्भरता से राहत
इस मशीन के शुरू होने के बाद प्रदेश के कैंसर मरीजों को उपचार के लिए अन्य राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। अभी तक कई मरीजों को रेडियोथैरेपी के लिए बाहरी अस्पतालों में जाना पड़ता था, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ते थे। नई सुविधा शुरू होने के बाद यह प्रक्रिया स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होगी, जिससे मरीजों को सुविधा मिलेगी।
प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां पूरी
अस्पताल प्रशासन के अनुसार मशीन से संबंधित सभी आवश्यक तकनीकी और ढांचागत तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अब अंतिम स्वीकृति के बाद इसे औपचारिक रूप से मरीजों के उपचार के लिए शुरू किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने इसे प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा बताया है, जिससे कैंसर उपचार प्रणाली को मजबूती मिलेगी।