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NDPS / शिमला चिट्टा मामले में एसबीआई रोहड़ू शाखा का लोन मैनेजर गिरफ्तार, अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच जारी

PRIYANKA THAKUR • 17 Apr 2026 • 1 Min Read

Himachalnow / शिमला

NDPS : शिमला जिले के जुब्बल थाना में दर्ज चिट्टा तस्करी मामले में पुलिस ने एसबीआई रोहड़ू शाखा में कार्यरत लोन मैनेजर को गिरफ्तार किया है।जांच के दौरान पंजाब से जुड़े सप्लाई नेटवर्क और ऑनलाइन लेन-देन से संबंधित कड़ियां सामने आई हैं।

शिमला

लोन मैनेजर की गिरफ्तारी
चिट्टा तस्करी से जुड़े मामले में पुलिस ने तरुण ठाकुर (33) को गिरफ्तार किया है, जो स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की रोहड़ू शाखा में लोन मैनेजर/फील्ड ऑफिसर के पद पर कार्यरत था। आरोपी मूल रूप से गांव चोगटाली, तहसील राजगढ़, जिला सिरमौर का निवासी है। थाना जुब्बल में दर्ज मामले की जांच के दौरान पुलिस ने बैकवर्ड लिंकेज स्थापित करते हुए आरोपी को एनडीपीएस एक्ट की धारा 29 के तहत गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी की भूमिका नेटवर्क के संचालन से जुड़ी गतिविधियों में सामने आई है, जिसके आधार पर उसे मामले में शामिल किया गया।

जांच में सामने आई नेटवर्क की कड़ियां
पुलिस जांच में यह पाया गया कि आरोपी मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त से जुड़े नेटवर्क के संपर्क में था। विशेष रूप से उसका संपर्क पंजाब के अमृतसर निवासी मुख्य सप्लायर लुकास उर्फ लकी से स्थापित पाया गया है। जांच के दौरान दोनों के बीच ऑनलाइन माध्यम से हुए वित्तीय लेन-देन के साक्ष्य भी सामने आए हैं, जिनका विश्लेषण किया जा रहा है। इन तथ्यों के आधार पर पुलिस नेटवर्क के संचालन, सप्लाई चैन और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका का पता लगाने में जुटी है।

मामले की समयरेखा और पूर्व गिरफ्तारियां
इस मामले की जांच 9 फरवरी 2026 को शुरू हुई थी, जब थाना जुब्बल पुलिस ने एक महिला आरोपी को 13.46 ग्राम चिट्टा के साथ गिरफ्तार किया था। इसके बाद 17 मार्च 2026 को बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर अमृतसर से मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार किया गया। आगे की जांच में 6 अप्रैल 2026 को तीन अन्य आरोपियों को फॉरवर्ड लिंकेज के आधार पर गिरफ्तार किया गया। 16 अप्रैल 2026 को इस कड़ी में तरुण ठाकुर की गिरफ्तारी की गई, जिससे अब तक कुल छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और मामले की परतें क्रमबद्ध तरीके से सामने आई हैं।

अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच
पुलिस जांच में संकेत मिले हैं कि यह मामला एक अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़ा है, जिसमें पंजाब से मादक पदार्थों की सप्लाई और हिमाचल प्रदेश में वितरण से संबंधित गतिविधियां शामिल हैं। इसके साथ ही ऑनलाइन माध्यम से वित्तीय लेन-देन की प्रक्रिया भी सामने आई है, जिससे नेटवर्क के संचालन के तरीके का पता चल रहा है। पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित स्थानों और व्यक्तियों की पहचान करने के लिए तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।

आगे की कानूनी प्रक्रिया
पुलिस के अनुसार आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी रहेगी। संबंधित एजेंसियां इस मामले में आगे की कड़ियों को जोड़ने और नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान करने पर काम कर रही हैं, ताकि कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।