NDPS / शिमला में चिट्टा तस्करी मामले में एक और आरोपी गिरफ्तार, मनी ट्रेल जांच में सामने आया नेटवर्क कनेक्शन
Himachalnow / शिमला
NDPS : शिमला में चिट्टा बरामदगी मामले की जांच के दौरान पुलिस ने मनी ट्रेल के आधार पर एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। तकनीकी विश्लेषण, कॉल डिटेल और बैंक लेन-देन की गहन जांच में आरोपी की भूमिका मादक पदार्थ नेटवर्क से जुड़ी पाई गई है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार युवक पैसों के ट्रांसफर और नेटवर्क के अन्य सदस्यों के साथ समन्वय में शामिल था, जिससे मामले में और कड़ियां सामने आने की संभावना है।
शिमला
मामले की पृष्ठभूमि
जिला शिमला के पुलिस थाना सदर क्षेत्र में चिट्टा बरामदगी के एक मामले में पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाते हुए महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। छह अप्रैल को पुलिस टीम ने एक महिला आरोपी के कब्जे से करीब 40 ग्राम चिट्टा बरामद किया था, जिसके आधार पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने शुरुआती गिरफ्तारी के बाद पूरे नेटवर्क की जांच शुरू की, ताकि तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके।
तकनीकी जांच में मिला सुराग
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों से जुड़े डिजिटल और तकनीकी पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया। मोबाइल फोन का तकनीकी विश्लेषण किया गया, जिसमें कॉल डिटेल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप चैट और अन्य डिजिटल डाटा की गहन जांच की गई। इसके साथ ही बैंक खातों से जुड़े लेन-देन की भी बारीकी से पड़ताल की गई, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि मादक पदार्थ की खरीद-फरोख्त के लिए वित्तीय ट्रांजैक्शन का उपयोग किया जा रहा था और इसमें कई लोगों की भूमिका हो सकती है।
पांवटा साहिब से गिरफ्तारी
इन्हीं तथ्यों के आधार पर सिरमौर जिला के पांवटा साहिब के देव नगर क्षेत्र निवासी 24 वर्षीय नीरज को 13 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार जांच में यह सामने आया है कि आरोपी मादक पदार्थ की खरीद के लिए धनराशि ट्रांसफर करने के साथ-साथ नेटवर्क के अन्य सदस्यों के संपर्क में था और उनके साथ समन्वय स्थापित कर रहा था। इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस को नेटवर्क के विस्तार को समझने में अतिरिक्त जानकारी प्राप्त हुई है।
एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई
मामले में आरोपी की संलिप्तता एनडीपीएस एक्ट की धारा 29 के तहत पाई गई है, जो साजिश और नेटवर्क से जुड़े अपराधों पर लागू होती है। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और तकनीकी तथा वित्तीय साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है। आने वाले समय में इस मामले में और व्यक्तियों की भूमिका सामने आने की संभावना से इंकार नहीं किया जा रहा है।