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Cyber Crime / शिमला पुलिस ने वॉयस और वीडियो कॉल के जरिए हो रहे साइबर फ्रॉड को लेकर जारी किया अलर्ट

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Cyber Crime : शिमला पुलिस ने वॉयस कॉल, वीडियो कॉल और डिजिटल माध्यमों से बढ़ रहे साइबर फ्रॉड मामलों को देखते हुए आम जनता के लिए साइबर सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। पुलिस के अनुसार साइबर अपराधी फर्जी बैंक कॉल, ओटीपी धोखाधड़ी, एपीके लिंक, क्यूआर कोड स्कैम और फेक इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को निशाना बना रहे हैं, जिसके चलते डिजिटल सावधानी आवश्यक है।

शिमला

साइबर अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे नए डिजिटल तरीके

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदेश साइबर क्राइम नरवीर सिंह राठौर ने बताया कि आज के समय में साइबर अपराधी लगातार अपने तरीके बदल रहे हैं और अब वॉयस व वीडियो कॉल के जरिए लोगों को निशाना बना रहे हैं।उन्होंने बताया कि अपराधी खुद को बैंक अधिकारी, पुलिस अधिकारी या कूरियर एजेंट बताकर लोगों को डर या जल्दबाजी की स्थिति में लाते हैं और उनसे ओटीपी, बैंक डिटेल, पिन नंबर और अन्य संवेदनशील जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं। इसके अलावा व्हाट्सएप हैकिंग, फेक केवाईसी अपडेट, स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स (जैसे AnyDesk और TeamViewer) और एपीके लिंक के जरिए मोबाइल डिवाइस तक अनधिकृत पहुंच बनाई जाती है।

एआई आधारित फर्जी पहचान और वित्तीय धोखाधड़ी के मामले

पुलिस के अनुसार अब साइबर अपराधी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का भी उपयोग कर रहे हैं, जिसमें डीपफेक ऑडियो और वीडियो के जरिए किसी रिश्तेदार या अधिकारी की नकली आवाज और वीडियो बनाकर आपात स्थिति का हवाला देते हुए पैसे की मांग की जाती है।इसके साथ ही QR कोड स्कैम के जरिए लोगों को पेमेंट प्राप्त करने के नाम पर क्यूआर कोड स्कैन करवाया जाता है, जिससे सीधे बैंक खाते से राशि कट जाती है। सोशल मीडिया इम्पर्सनेशन के तहत फर्जी प्रोफाइल बनाकर परिचितों से पैसे मांगे जाने के मामले भी सामने आ रहे हैं। इसके अलावा फर्जी ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म पर “डबल रिटर्न” या “गारंटीड प्रॉफिट” का लालच देकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी की जा रही है।

साइबर सुरक्षा के लिए पुलिस द्वारा जारी निर्देश और आंकड़े आधारित चेतावनी

पुलिस के अनुसार अधिकांश साइबर फ्रॉड मामलों में उपयोगकर्ता की छोटी सी लापरवाही प्रमुख कारण बनती है। ओटीपी, यूपीआई पिन, सीवीवी या बैंकिंग पासवर्ड साझा करने से खाते खाली होने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।पुलिस ने बताया कि साइबर फ्रॉड से बचाव के लिए केवल गूगल प्ले स्टोर से ही ऐप डाउनलोड करने, अनजान लिंक या एपीके फाइल से दूर रहने, स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स का उपयोग न करने और किसी भी अनजान कॉल या वीडियो कॉल पर निजी जानकारी साझा न करने की सलाह दी गई है।

फ्रॉड होने पर त्वरित शिकायत की अपील

पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी संदिग्ध लेनदेन या साइबर फ्रॉड की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क किया जाए या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई जाए। अधिकारियों के अनुसार समय पर रिपोर्ट करने से कई मामलों में धनराशि की रिकवरी की संभावना बढ़ जाती है।

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