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टीकाकरण के बाद शिशु की मृत्यु का मामला, स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की जांच

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 2 Hours Ago • 1 Min Read

शिमला के डीडीयू अस्पताल में नियमित टीकाकरण के बाद 45 दिन की एक शिशु की मृत्यु का मामला सामने आया है। परिजनों की शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच के आदेश दिए हैं, जबकि मृत्यु के कारणों का पता लगाने के लिए फोरेंसिक जांच प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

शिमला

टीकाकरण के बाद बिगड़ी शिशु की तबीयत

राजधानी शिमला के दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) अस्पताल में बुधवार को 45 दिन की एक शिशु को नियमित टीकाकरण के लिए लाया गया था। परिजनों के अनुसार सुबह करीब 11 बजे टीकाकरण की प्रक्रिया पूरी की गई। निर्धारित निगरानी अवधि के बाद स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा शिशु की स्थिति सामान्य पाए जाने पर परिवार को घर भेज दिया गया। परिजनों का कहना है कि दोपहर के समय घर पहुंचने के बाद शिशु की तबीयत अचानक बिगड़ गई।

उपचार के लिए आईजीएमसी ले जाया गया

परिजनों के अनुसार दोपहर करीब 2 बजे शिशु की शारीरिक प्रतिक्रिया कम होने लगी, जिसके बाद उसे तुरंत इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) के आपातकालीन विभाग ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने शिशु को आवश्यक चिकित्सीय सहायता प्रदान की और उसे बचाने के प्रयास किए, लेकिन उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच प्रक्रिया शुरू

घटना के बाद शिशु के शव का पोस्टमार्टम आईजीएमसी के फोरेंसिक मेडिसिन विभाग में किया गया। प्रारंभिक जांच में मृत्यु के कारणों को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। चिकित्सकों ने विस्तृत जांच के लिए आवश्यक नमूने सुरक्षित रख लिए हैं, जिन्हें स्टेट फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) जुन्गा भेजा जाएगा। अधिकारियों के अनुसार अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।

परिजनों ने दी शिकायत

शिशु के परिजनों ने मामले को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में टीकाकरण के बाद शिशु की तबीयत बिगड़ने का उल्लेख किया गया है। पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर नियमानुसार प्रक्रिया शुरू कर दी है और मामले से संबंधित तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग ने मांगी रिपोर्ट

घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच के निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों के अनुसार टीकाकरण प्रक्रिया, चिकित्सीय रिकॉर्ड और संबंधित परिस्थितियों की समीक्षा की जाएगी। जांच रिपोर्ट और फोरेंसिक निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने से पहले मृत्यु के कारणों को लेकर कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

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