नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर शिमला में मंथन, जयराम बोले—महिलाओं की भागीदारी के बिना राष्ट्र निर्माण अधूरा
Himachalnow / शिमला
शिमला में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में आयोजित कार्यक्रम और पदयात्रा में महिलाओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने महिलाओं की भागीदारी को राष्ट्र निर्माण के लिए आवश्यक बताया। कार्यक्रम में 33 प्रतिशत आरक्षण को लेकर महिलाओं की मजबूत आवाज सामने आई।
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शिमला में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में आयोजित “टाउन हॉल ऑफ वूमेन” और पदयात्रा के दौरान महिलाओं का उत्साह चरम पर देखने को मिला। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं और युवाओं ने भाग लेकर 33 प्रतिशत आरक्षण के समर्थन में एकजुटता दिखाई।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी के बिना राष्ट्र निर्माण अधूरा है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि महिलाओं को नीति निर्माण और निर्णय प्रक्रिया में समान अवसर मिले।
जयराम ठाकुर ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, जिससे देश के विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह केवल एक कानून नहीं, बल्कि करोड़ों महिलाओं की वर्षों पुरानी आकांक्षाओं को पूरा करने का माध्यम है।उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए हर स्तर पर काम किया गया है—जन्म से लेकर शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता तक। अब यह अधिनियम उस दिशा में एक बड़ा परिवर्तन लेकर आएगा।
इससे पहले महिला मोर्चा अध्यक्ष डेज़ी ठाकुर के नेतृत्व में “टाउन हॉल ऑफ वूमेन” का आयोजन किया गया, जिसमें महिला अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और नेतृत्व जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। इसके बाद निकाली गई पदयात्रा में महिलाओं की भारी भागीदारी देखने को मिली, जिससे यह कार्यक्रम एक जनआंदोलन का रूप लेता नजर आया।कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने इसे महिलाओं के अधिकार और सम्मान की दिशा में एक मजबूत पहल बताते हुए भविष्य में इसे और व्यापक स्तर पर ले जाने की बात कही।