शिमला पुलिस डिजिटल पुलिसिंग रैंकिंग में प्रदेश में पहले स्थान पर, हमीरपुर सबसे पीछे
हिमाचल प्रदेश पुलिस की पहली तिमाही 2026 सीसीटीएनएस प्रगति रिपोर्ट में शिमला जिला डिजिटल पुलिसिंग रैंकिंग में पहले स्थान पर रहा है। रिपोर्ट में पुलिस थानों की ऑनलाइन रिकॉर्ड प्रबंधन, डेटा एंट्री और आईसीजेएस सर्च गतिविधियों के आधार पर प्रदर्शन का आकलन किया गया।
शिमला
सीसीटीएनएस रैंकिंग में शिमला जिला पहले स्थान पर
राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (SCRB) की ओर से जारी पहली तिमाही 2026 की क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (CCTNS) प्रगति रिपोर्ट में शिमला जिला पूरे हिमाचल प्रदेश में पहले स्थान पर दर्ज किया गया है। यह रैंकिंग जनवरी से मार्च 2026 के बीच पुलिस थानों में दर्ज एफआईआर, केस डायरी अपडेट, ऑनलाइन रिकॉर्ड प्रबंधन, डिजिटल डेटा एंट्री, आरोप पत्र अपलोडिंग और जांच से जुड़े तकनीकी कार्यों के आधार पर तैयार की गई। रिपोर्ट के अनुसार शिमला जिला को कुल 41.15 अंक प्राप्त हुए, जबकि नूरपुर जिला पुलिस 41.12 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रही। किन्नौर तीसरे, बिलासपुर चौथे और लाहौल-स्पीति पांचवें स्थान पर दर्ज किए गए। वहीं हमीरपुर जिला 34.73 अंकों के साथ सूची में अंतिम स्थान पर रहा। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि डिजिटल पुलिसिंग प्रणाली के तहत विभिन्न जिलों में ऑनलाइन रिकॉर्ड अपडेट और डेटा प्रबंधन की गति को लगातार मॉनिटर किया जा रहा है।
50 से अधिक एफआईआर वाले थानों में माजरा थाना शीर्ष पर
50 से अधिक एफआईआर दर्ज करने वाले पुलिस थानों की श्रेणी में सिरमौर जिले का माजरा थाना पहले स्थान पर रहा। मंडी सदर थाना दूसरे और बिलासपुर सदर थाना तीसरे स्थान पर दर्ज किए गए। इस श्रेणी में उन थानों का मूल्यांकन किया गया जहां मामलों की संख्या अधिक होने के बावजूद रिकॉर्ड अपडेट, केस प्रोग्रेस एंट्री और डिजिटल दस्तावेज प्रबंधन नियमित रूप से किया गया। शिमला जिले का बालूगंज थाना भी शीर्ष प्रदर्शन करने वाले थानों में शामिल रहा। रिपोर्ट के अनुसार इन थानों ने ऑनलाइन जांच रिकॉर्ड, केस स्टेटस अपडेट और सीसीटीएनएस पोर्टल पर समयबद्ध डेटा एंट्री में बेहतर प्रदर्शन दर्ज किया।
25 से 50 एफआईआर श्रेणी में छोटा शिमला थाना पहले नंबर पर
25 से 50 एफआईआर वाले पुलिस थानों की श्रेणी में छोटा शिमला थाना पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर रहा। बरमाणा थाना दूसरे और रामपुर थाना तीसरे स्थान पर दर्ज किया गया। इस श्रेणी में शिमला जिले के कई थानों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया, जिनमें ढली, रोहड़ू, ठियोग, कुमारसैन और कोटखाई थाना शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार इन थानों में केस रिकॉर्ड अपडेट, डिजिटल दस्तावेज अपलोडिंग और जांच संबंधी ऑनलाइन एंट्री समय पर की गई। सीसीटीएनएस प्रणाली के तहत पुलिस थानों की कार्यप्रणाली को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने के लिए नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।
25 से कम एफआईआर वाले थानों में रिकांगपिओ आगे
25 से कम एफआईआर वाले पुलिस थानों की श्रेणी में किन्नौर जिले का रिकांगपिओ थाना पहले स्थान पर रहा, जबकि शिमला जिले का चिड़गांव थाना दूसरे स्थान पर दर्ज किया गया। चौपाल, नेरवा, सुन्नी, जुब्बल और संजौली थाना भी बेहतर प्रदर्शन करने वाले थानों की सूची में शामिल रहे। रिपोर्ट में बताया गया कि कम मामलों वाले थानों में भी डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन, केस अपडेट और ऑनलाइन डेटा एंट्री की गुणवत्ता को मूल्यांकन का हिस्सा बनाया गया। इन थानों ने निर्धारित समय सीमा के भीतर रिकॉर्ड अपडेट करने और तकनीकी प्लेटफॉर्म के उपयोग में बेहतर प्रदर्शन दर्ज किया।
महिला थानों की सूची में मंडी महिला थाना पहले स्थान पर
महिला पुलिस थानों की रैंकिंग में मंडी महिला थाना पहले स्थान पर रहा। कुल्लू महिला थाना दूसरे और नाहन महिला थाना तीसरे स्थान पर दर्ज किए गए। न्यू शिमला महिला थाना इस सूची में दसवें स्थान पर रहा। महिला थानों की रैंकिंग में महिला संबंधित मामलों की ऑनलाइन एंट्री, केस ट्रैकिंग, रिकॉर्ड अपडेट और डिजिटल दस्तावेज प्रबंधन को आधार बनाया गया। रिपोर्ट के अनुसार महिला थानों में भी सीसीटीएनएस प्रणाली के उपयोग को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
आईसीजेएस सर्च रैंकिंग में नूरपुर थाना आगे
इंटर ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) सर्च रैंकिंग में नूरपुर थाना पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर रहा। रिपोर्ट के अनुसार इस थाने द्वारा करीब तीन करोड़ डिजिटल सर्च किए गए। आईसीजेएस प्रणाली के माध्यम से पुलिस, न्यायालय, जेल और अन्य एजेंसियों के बीच डिजिटल डेटा साझा किया जाता है। नूरपुर थाना द्वारा रिकॉर्ड सत्यापन, केस हिस्ट्री और डिजिटल सर्च गतिविधियों में अधिक उपयोग दर्ज किए जाने के आधार पर इसे शीर्ष स्थान मिला।