शिमला में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल चौथे दिन जारी, नगर निगम आउटसोर्स व्यवस्था की तैयारी में
शिमला में सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल चौथे दिन भी जारी रही, जिससे कई क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है। नगर निगम प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत सफाई कार्य को आउटसोर्स करने की तैयारी शुरू की है।
शिमला
शहर के कई क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था प्रभावित
राजधानी शिमला में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। सोमवार को हड़ताल चौथे दिन भी जारी रही। मॉल रोड, रिज, लोअर बाजार, संजौली, लक्कड़ बाजार, छोटा शिमला और टूटीकंडी सहित कई वार्डों में कूड़ा एकत्र होने की स्थिति देखी गई। स्थानीय लोगों को कई स्थानों पर सफाई कार्य प्रभावित होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वेतन वृद्धि बहाल करने की मांग पर कर्मचारी हड़ताल पर
सैहब सोसाइटी से जुड़े लगभग 800 सफाई कर्मचारी 10 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि बहाल करने की मांग को लेकर हड़ताल कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वर्ष की शुरुआत में उनकी वेतन वृद्धि रोक दी गई थी। कर्मचारियों के अनुसार वर्तमान समय में 12 हजार रुपये मासिक वेतन में परिवार का खर्च चलाना कठिन हो रहा है। उनका कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच दैनिक जरूरतों और घरेलू खर्चों का प्रबंधन प्रभावित हो रहा है। कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने कई बार प्रशासन और नगर निगम अधिकारियों के साथ इस विषय पर बातचीत की, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है।
नगर निगम प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्था में जुटा
नगर निगम प्रशासन शहर में सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए वैकल्पिक उपायों पर काम कर रहा है। प्रशासन द्वारा सफाई व्यवस्था को आउटसोर्स करने की तैयारी भी की जा रही है। हालांकि, सफाई कर्मचारियों ने इस प्रस्ताव का विरोध किया है। कर्मचारियों का कहना है कि पहले भी इस तरह की व्यवस्था लागू करने का प्रयास किया गया था, लेकिन उसे अपेक्षित परिणाम नहीं मिले थे।
प्रशासन और कर्मचारियों के बीच वार्ता का इंतजार
हड़ताली कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगों को लेकर अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। वहीं प्रशासन की ओर से आवश्यक सेवाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए विभिन्न विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार हड़ताली कर्मचारियों पर एस्मा लागू किया गया है और आने वाले दिनों में प्रशासनिक कार्रवाई की संभावना भी जताई जा रही है।