Taradevi Ropeway / शिमला-तारादेवी रोपवे परियोजना की निविदा प्रक्रिया फिर बदलेगी , सीजीएम एक्सटेंशन पर भी संशय
Shimla Ropeway : शिमला-तारादेवी रोपवे परियोजना को लेकर सरकार द्वारा निविदा प्रक्रिया रद्द किए जाने के बाद अब इसे नए सिरे से पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर तैयार करने की दिशा में काम शुरू किया जा रहा है। इसी बीच रोपवे कॉर्पोरेशन के मुख्य महाप्रबंधक की एक्सटेंशन को लेकर भी अनिश्चितता की स्थिति बन गई है।
शिमला
जानकारी के अनुसार शिमला-तारादेवी रोपवे परियोजना के लिए बार-बार एक ही निविदा आने के बाद सरकार ने पुरानी टेंडर प्रक्रिया को निरस्त कर दिया है। अब इस परियोजना को पीपीपी मॉडल के तहत दोबारा तैयार करने की योजना बनाई जा रही है। सरकार ने पिछले दो वर्षों से जारी निविदा प्रक्रिया और उससे जुड़ी औपचारिकताओं को नए सिरे से शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
रोपवे कॉर्पोरेशन के मुख्य महाप्रबंधक अजय शर्मा की संभावित चौथी एक्सटेंशन को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि उनकी एक्सटेंशन से संबंधित फाइल प्रक्रिया में थी, लेकिन अब प्रशासनिक स्तर पर इसे आगे बढ़ाने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। करीब डेढ़ वर्ष पहले सेवानिवृत्त हो चुके अधिकारी को पहले तीन बार एक्सटेंशन मिल चुकी है।
परियोजना को पर्यटन और यातायात से जोड़ा गया
शिमला-तारादेवी रोपवे परियोजना को पर्यटन और यातायात व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा था। दावा किया गया था कि इसके शुरू होने से श्रद्धालु कम समय में तारादेवी मंदिर पहुंच सकेंगे और शिमला शहर में ट्रैफिक दबाव को कम करने में सहायता मिलेगी। हालांकि लंबे समय तक प्रक्रिया चलने के बावजूद परियोजना का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया।
अब सरकार परियोजना को नए मॉडल के तहत आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है। संबंधित विभागों को नई प्रक्रिया के अनुरूप कार्यवाही पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। आने वाले समय में परियोजना की संशोधित रूपरेखा और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर आगे निर्णय लिए जा सकते हैं।