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शिरगुल महाराज की पवित्र जातर कल शाया से चूड़धार के लिए होगी रवाना

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 2 Hours Ago • 1 Min Read

शिरगुल महाराज की पवित्र जातर 27 जून को शाया से चूड़धार स्थित पवित्र स्नान के लिए रवाना होगी। तीन दिवसीय धार्मिक यात्रा के दौरान श्रद्धालु देव परंपराओं का पालन करते हुए विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेंगे। आयोजकों ने जातर के दौरान नशामुक्त वातावरण बनाए रखने और धार्मिक मर्यादाओं का पालन करने की अपील की।

राजगढ़

देवता श्री शिरगुल महाराज की पवित्र जातर इस वर्ष 27 जून को उनकी जन्मस्थली शाया से चूड़धार स्थित पवित्र स्नान के लिए रवाना होगी। तीन दिनों तक चलने वाली इस धार्मिक यात्रा को लेकर क्षेत्र के श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है।नो ताबीन के मुखिया निवेश ठाकुर ने बताया कि जातर का पहला पड़ाव बांगा पानी में होगा, जहां श्रद्धालु रात्रि विश्राम करेंगे। रात्रि के समय विधि-विधान के साथ देव पूजन एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि 28 जून की सुबह जातर चूड़धार के लिए प्रस्थान करेगी। पाछले मोड़ पहुंचने के बाद श्रद्धालु चूड़धार की ओर रवाना होंगे, जहां भगवान शिरगुल महाराज का पवित्र स्नान संपन्न कराया जाएगा। पवित्र स्नान के उपरांत जातर वापस लौटेगी तथा रात्रि विश्राम पाछले मोड़ में किया जाएगा। इसके बाद 29 जून को जातर अपनी जन्मस्थली शाया पहुंचेगी।निवेश ठाकुर ने सभी ताबीनों से आह्वान किया कि जिनकी जो काराभारी जिम्मेदारियां हैं, उनका निर्वहन देव परंपराओं के अनुरूप पूरी श्रद्धा, निष्ठा और अनुशासन के साथ करें।

उन्होंने कहा कि जातर के दौरान किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ का सेवन करना अथवा साथ लेकर चलना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। ऐसा करने वाला व्यक्ति देव दोष का भागीदार माना जाएगा।उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से धार्मिक मर्यादाओं का पालन करने, अनुशासन बनाए रखने तथा देव परंपराओं का सम्मान करते हुए इस पवित्र यात्रा को सफल बनाने की अपील की।