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Shrikhand Mahadev Yatra / श्रीखंड महादेव यात्रा में खाने-पीने और ठहरने की दरें प्रशासन ने तय कीं

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन 30 Jun 2025 Edited 30 Jun 1 min read

Shrikhand Mahadev Yatra : श्रीखंड महादेव यात्रा 10 से 23 जुलाई तक आयोजित की जाएगी। इस यात्रा के लिए यात्रियों की सुविधा के लिए प्रशासन और ट्रस्ट ने खाने-पीने और ठहरने की दरें तय कर दी हैं। यात्रा मार्ग के सभी पड़ावों पर एक समान रेट लागू होंगे और इससे अधिक वसूली करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

किन्नौर/कुल्लू (आनी)

बेस कैंपों में लगाए जाएंगे मेडिकल, पुलिस व रेस्क्यू स्टाफ, सावधानी बरतने की अपील

35 किलोमीटर की कठिन यात्रा में तय होंगे सामान के दाम
श्रीखंड महादेव यात्रा के दौरान सिंहगाड़, बराहटी नाला, यावडू, काली घाटी, भीम द्वारी और पार्वतीबाग जैसे पड़ावों पर खाने-पीने व ठहरने के लिए रेट लिस्ट जारी कर दी गई है। ट्रस्ट की ओर से चाय, परांठा, मैगी, खाना, नाश्ता और बिस्तर आदि के दाम तय किए गए हैं। यात्रियों से अपील की गई है कि वे निर्धारित दरों से अधिक न चुकाएं और किसी भी प्रकार की मनमानी की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।

हर साल हजारों श्रद्धालु करते हैं यह जोखिम भरी यात्रा
श्रीखंड महादेव यात्रा लगभग 35 किलोमीटर की दुर्गम पैदल चढ़ाई है, जिसमें यात्रियों को खतरनाक रास्तों, बर्फ से ढके ग्लेशियर और ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों से होकर गुजरना पड़ता है। यह यात्रा पंच कैलाशों में से एक मानी जाती है। हिमाचल प्रदेश में तीन पंच कैलाश—श्रीखंड महादेव, मणिमहेश और किन्नर कैलाश स्थित हैं।

पांच बेस कैंपों में होंगी व्यापक व्यवस्थाएं
यात्रा के दौरान सिंहगाड़, थाचडू, कुंशा, भीम द्वारी और पार्वतीबाग में पांच बेस कैंप स्थापित किए जाएंगे। इन कैंपों में मेडिकल टीम, पुलिस बल, होमगार्ड, वॉटर सप्लाई और रेस्क्यू टीमें तैनात रहेंगी। अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संस्थान, वन विभाग, जल शक्ति विभाग और स्वास्थ्य विभाग विशेष सहयोग करेंगे।

श्रीखंड यात्रा के लिए तय की गई रेट लिस्ट (रुपयों में):

वस्तुसिंहगाड़बराहटीयावडूकाली घाटीभीम द्वारीपार्वतीबाग
खाना110130200230270290
मैगी354555657075
चाय152025354045
परांठा354555657075
नाश्ता75100130150170180
बिस्तर110150210250300320

यात्रियों से अपील
ट्रस्ट और प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे नशे से दूर रहें और यात्रा के दौरान पूरी सतर्कता बरतें। किसी भी आपात स्थिति में प्रशासनिक दल तुरंत मदद के लिए मौजूद रहेगा।