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फोरलेन निर्माण के बीच सिहुवा में जलभराव की स्थिति का निरीक्षण, विधायक केवल सिंह पठानिया ने दिए आवश्यक निर्देश

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

फोरलेन निर्माण कार्य के दौरान हुई बारिश के बाद शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के सिहुवा में जलभराव की स्थिति की समीक्षा के लिए विधायक एवं उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जल निकासी व्यवस्था, लंबित निर्माण कार्य और बरसात के दौरान स्थानीय लोगों की सुविधा सुनिश्चित करने के संबंध में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

शाहपुर

सिहुवा क्षेत्र में जलभराव की स्थिति का किया निरीक्षण

शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सिहुवा में फोरलेन निर्माण कार्य के दौरान हुई बारिश के बाद कुछ स्थानों पर जलभराव की स्थिति सामने आई। इसके मद्देनजर विधायक एवं उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने उप-मंडल अधिकारी (एसडीएम) गणेश ठाकुर तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जलभराव वाले स्थानों का जायजा लिया और मौके पर उपलब्ध व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

प्रभावित लोगों से ली जानकारी

निरीक्षण के दौरान विधायक ने स्थानीय निवासियों से बातचीत कर जलभराव से संबंधित समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक व्यवस्थाओं का समयबद्ध आकलन किया जाए तथा बरसात के मौसम को ध्यान में रखते हुए जल निकासी व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं।

एनएचएआई को लंबित कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश

विधायक केवल सिंह पठानिया ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों को फोरलेन परियोजना से जुड़े लंबित कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य के साथ-साथ ऐसी स्थायी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए जिससे भविष्य में वर्षा के दौरान आवासीय क्षेत्रों में पानी का प्रवेश न हो और सामान्य जनजीवन प्रभावित न हो।

प्रशासन और एनएचएआई के समन्वय पर दिया जोर

उन्होंने प्रशासन और एनएचएआई अधिकारियों को समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि बरसात के मौसम के दौरान संभावित चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक एहतियाती कदम समय रहते उठाए जाएं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से क्षेत्र की नियमित निगरानी करने तथा आवश्यकता के अनुसार सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने को भी कहा, ताकि स्थानीय लोगों को अनावश्यक असुविधा का सामना न करना पड़े।