धर्मशाला में एमएसएमई कार्यशाला आयोजित, डिजिटल तकनीक और जेम पोर्टल से कारोबार बढ़ाने पर दिया गया मार्गदर्शन
धर्मशाला में एमएसएमई रैम्प कार्यक्रम के तहत आयोजित कार्यशाला में सूक्ष्म एवं लघु उद्यमियों को डिजिटल साक्षरता, ऑनलाइन विपणन, वित्तीय प्रबंधन और जेम पोर्टल के उपयोग संबंधी जानकारी दी गई। कार्यक्रम में लगभग 50 उद्यमियों ने भाग लिया और सरकारी योजनाओं तथा डिजिटल माध्यमों से व्यावसायिक अवसरों के विस्तार पर चर्चा की गई।
धर्मशाला
एमएसएमई रैम्प कार्यक्रम के तहत आयोजित हुई कार्यशाला
उद्योग विभाग द्वारा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) के रैम्प कार्यक्रम के अंतर्गत जिला परिषद हॉल, धर्मशाला में एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों की डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देना, उनकी व्यावसायिक रणनीतियों को सुदृढ़ करना तथा जेम (GeM) पोर्टल के माध्यम से सरकारी खरीद प्रक्रियाओं में उनकी भागीदारी बढ़ाना था। कार्यक्रम में जिले के लगभग 50 सूक्ष्म एवं लघु उद्यमियों ने भाग लेकर विभिन्न तकनीकी सत्रों में हिस्सा लिया।
डिजिटल तकनीक अपनाने पर दिया गया मार्गदर्शन
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं पंजाब नेशनल बैंक के अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) रणबीर पृथ्वी ने प्रथम तकनीकी सत्र में उद्यमिता विकास, डिजिटल भुगतान, सोशल मीडिया और ऑनलाइन विपणन के महत्व पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आधुनिक डिजिटल तकनीकों का उपयोग कर उद्यमी अपने उत्पादों की बाजार तक पहुंच बढ़ा सकते हैं और व्यावसायिक गतिविधियों को अधिक व्यवस्थित बना सकते हैं। उन्होंने बजट प्रबंधन, वित्तीय अनुशासन तथा केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न ऋण और प्रोत्साहन योजनाओं की भी विस्तृत जानकारी साझा की।
जेम पोर्टल की कार्यप्रणाली से कराया अवगत
कार्यशाला के दूसरे तकनीकी सत्र में जेम के आधिकारिक प्रशिक्षक रवि वर्मा ने सीपीपी मॉड्यूल सहित जेम पोर्टल की कार्यप्रणाली पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जेम पोर्टल के माध्यम से एमएसएमई इकाइयां अपने उत्पाद और सेवाएं सीधे विभिन्न सरकारी विभागों एवं संस्थानों तक पहुंचा सकती हैं। उन्होंने पंजीकरण प्रक्रिया, पोर्टल के उपयोग और सरकारी खरीद प्रणाली में उपलब्ध अवसरों के बारे में भी प्रतिभागियों को जानकारी दी।
उद्यमियों ने साझा किए अनुभव
कार्यशाला में भाग लेने वाले उद्यमियों ने कार्यक्रम को उपयोगी बताते हुए डिजिटल साक्षरता, सरकारी योजनाओं और ऑनलाइन व्यापारिक प्रक्रियाओं से संबंधित जानकारी को व्यावसायिक विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की आवश्यकता भी व्यक्त की ताकि अधिक से अधिक उद्यमी डिजिटल माध्यमों और सरकारी प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग कर सकें।
अधिकारी भी रहे उपस्थित
कार्यशाला में जिला उद्योग केंद्र के प्रबंधक गुलाब सिंह, हरबंस लाल, मनोज कपटा और अभिषेक वर्मा सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान उद्यमियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया तथा एमएसएमई क्षेत्र को उपलब्ध विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी भी साझा की गई।