Loading...

SIM Card Rules / दूसरे के नाम पर SIM लेना पड़ सकता है भारी, 3 साल की जेल और ₹50 लाख तक जुर्माना

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 2 Hours Ago • 1 Min Read

दूसरे व्यक्ति की पहचान, फर्जी दस्तावेज, धोखाधड़ी या प्रतिरूपण के जरिए SIM कार्ड हासिल करना गंभीर कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है। Telecommunications Act, 2023 के तहत ऐसे मामलों में तीन साल तक की जेल, ₹50 लाख तक जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। दूरसंचार विभाग (DoT) ने हाल ही में फर्जी SIM जारी करने, टेलीकॉम पहचान के दुरुपयोग और IMEI से छेड़छाड़ को लेकर भी लोगों को सतर्क किया है।

नई दिल्ली

फर्जी पहचान से SIM लेने पर कानून में सख्त प्रावधान

Telecommunications Act, 2023 की धारा 42(3)(e) के तहत धोखाधड़ी, छल या किसी दूसरे व्यक्ति की पहचान का इस्तेमाल करके SIM या अन्य टेलीकम्युनिकेशन आइडेंटिफायर हासिल करना अपराध है। ऐसे मामलों में अधिकतम तीन साल की कैद, ₹50 लाख तक जुर्माना या दोनों सजाएं हो सकती हैं। कानून के तहत ये अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती भी हैं।

दूसरे के दस्तावेज से SIM जारी करने का मामला आया था सामने

DoT की 21 सितंबर 2026 की चेतावनी से पहले साइबर अपराध की जांच में छत्तीसगढ़ के एक Point of Sale (PoS) एजेंट द्वारा नागरिकों के पहचान दस्तावेजों का उनकी जानकारी या सहमति के बिना इस्तेमाल करके 25 मोबाइल कनेक्शन सक्रिय करने का मामला सामने आया था। इसके बाद संबंधित PoS एजेंट को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया, जिससे वह आगे नए SIM जारी नहीं कर सके।

संदिग्ध मोबाइल कनेक्शनों का कराया गया दोबारा सत्यापन

इन 25 मोबाइल कनेक्शनों की दूरसंचार विभाग के Digital Intelligence Platform पर जांच की गई। संदिग्ध पाए गए कनेक्शनों को दोबारा सत्यापन के लिए भेजा गया और जो नंबर री-वेरिफिकेशन में सफल नहीं हुए, उन्हें बाद में निष्क्रिय कर दिया गया।

अपने नाम पर जारी SIM दूसरे को देने में भी बरतें सावधानी

DoT पहले भी आगाह कर चुका है कि अपने नाम पर SIM लेकर किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए देना परेशानी का कारण बन सकता है। यदि उस कनेक्शन का इस्तेमाल साइबर धोखाधड़ी जैसी गतिविधियों में किया जाता है तो मूल ग्राहक भी जांच के दायरे में आ सकता है। इसलिए मोबाइल कनेक्शन किसके नाम पर जारी है और उसका इस्तेमाल कौन कर रहा है, इसे लेकर सावधानी जरूरी है।

IMEI और दूसरे टेलीकॉम आइडेंटिफायर से छेड़छाड़ भी अपराध

कानून केवल फर्जी SIM तक सीमित नहीं है। Telecommunications Act, 2023 की धारा 42(3)(c) टेलीकम्युनिकेशन आइडेंटिफायर से छेड़छाड़ को भी प्रतिबंधित करती है। DoT की हालिया एडवाइजरी में मोबाइल हैंडसेट के IMEI सहित अन्य टेलीकॉम आइडेंटिफायर से छेड़छाड़ को लेकर भी चेतावनी दी गई है।

अपराध में मदद करने वाले पर भी हो सकती है कार्रवाई

कानून में केवल सीधे तौर पर ऐसा अपराध करने वाले व्यक्ति के लिए ही सजा का प्रावधान नहीं है। Telecommunications Act, 2023 की धारा 42(6) के तहत ऐसे अपराध में मदद या बढ़ावा देने वाले व्यक्ति पर भी समान दंड का प्रावधान है। यानी अधिकतम तीन साल की जेल, ₹50 लाख तक जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।

अपने नाम पर चल रहे मोबाइल कनेक्शनों की जानकारी रखना जरूरी

हालिया चेतावनी के बाद मोबाइल यूजर्स के लिए यह सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण है कि उनकी पहचान के आधार पर कोई अनजान मोबाइल कनेक्शन जारी न हो। DoT ने नागरिकों को अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शनों की समय-समय पर जांच करने की सलाह दी है, ताकि बिना जानकारी या सहमति के जारी हुए किसी कनेक्शन का पता लगाया जा सके।

Related Topics: • •