सिरमौर में 28 पंचायतों ने दिखाई भाईचारे की मिसाल, बिना चुनाव चुने गए पूरे प्रतिनिधि
जिला सिरमौर की 28 पंचायतों ने पंचायती राज चुनाव 2026 में सर्वसम्मति और भाईचारे की अनूठी मिसाल पेश की है। कई पंचायतों में ग्रामीणों ने चुनावी मुकाबले के बजाय आपसी सहमति और विकास को प्राथमिकता देते हुए पूरे प्रतिनिधि निर्विरोध चुने। प्रदेश सरकार द्वारा इन पंचायतों को 25-25 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।
नाहन
पंचायती राज चुनाव 2026 के बीच जिला सिरमौर की कई पंचायतों ने चुनावी मुकाबले के बजाय भाईचारे, सहमति और सामाजिक एकजुटता का रास्ता चुनकर नई मिसाल कायम की है। जिला की 273 ग्राम पंचायतों में से 28 पंचायतें सर्वसम्मति से निर्विरोध चुन ली गई हैं। इन पंचायतों में अब मतदान की आवश्यकता नहीं होगी। नामांकन वापसी के अंतिम दिन कई पंचायतों में घंटों चली बैठकों, आपसी संवाद और ग्रामीण सहमति के बाद उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस लिए, जिसके बाद पूरे पैनल निर्विरोध घोषित किए गए।जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त प्रियंका वर्मा तथा जिला पंचायत अधिकारी विक्रम ठाकुर ने पुष्टि करते हुए बताया कि जिला सिरमौर में कुल 28 पंचायतें निर्विरोध चुनी गई हैं। प्रदेश सरकार की घोषणा के अनुसार इन पंचायतों को 25-25 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि भी मिलेगी, जिससे पंचायत स्तर पर विकास कार्यों को गति मिलेगी।
सबसे अधिक निर्विरोध पंचायतें शिलाई विकास खंड में सामने आई हैं। यहां 10 पंचायतों में ग्रामीणों ने चुनावी प्रतिस्पर्धा के बजाय सर्वसम्मति का रास्ता अपनाया। वहीं तिलौरधार विकास खंड में 5 पंचायतें निर्विरोध चुनी गई हैं। संगड़ाह विकास खंड में 4 पंचायतों ने सहमति से प्रतिनिधि चुने, जबकि राजगढ़ विकास खंड में भी 4 पंचायतों ने एकजुटता का संदेश दिया।इसके अलावा पच्छाद और पांवटा साहिब विकास खंड में 2-2 पंचायतें निर्विरोध चुनी गईं, जबकि ददाहू विकास खंड में 1 पंचायत में सर्वसम्मति बनी। दिलचस्प बात यह रही कि जिला मुख्यालय से जुड़े नाहन विकास खंड की एक भी पंचायत में सहमति नहीं बन पाई और यहां सभी पंचायतों में चुनावी मुकाबला होगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में निर्विरोध पंचायत चुने जाने को सामाजिक सौहार्द और परिपक्व लोकतांत्रिक सोच के रूप में देखा जा रहा है। कई पंचायतों में बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं ने मिलकर बैठकों के माध्यम से विवाद खत्म करवाए और चुनावी टकराव के बजाय विकास को प्राथमिकता देने का फैसला लिया।इन पंचायतों में चुने गए प्रतिनिधियों ने गांवों के समग्र विकास, पारदर्शिता और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने का भरोसा दिया है। पंचायत चुनावों के बीच सिरमौर की इन पंचायतों की चर्चा अब पूरे प्रदेश में हो रही है।
निर्विरोध चुनी गई पंचायतों में पच्छाद विकास खंड की दाड़ो देवरिया और शाडिया, संगड़ाह विकास खंड की दाना घाटों, संगड़ाह ग्रामीण, सैंज और रणफुआ जबड़ोग, राजगढ़ विकास खंड की माटल बखोग, नेहरटी बघोट, काथली भरण और हाब्बन पंचायतें शामिल हैं।तिलौरधार विकास खंड की टटियाणा, शरली मानपुर, पोका, शावगा और कांडो च्योग पंचायतें भी निर्विरोध चुनी गई हैं। शिलाई विकास खंड की द्राबिल, बकरास, बांबल, बिंडला दिगवा, धारवा, जरवा जुनैली, कांडो भटनौल, नावण भटवाड़, शखौली और शिरी क्यारी पंचायतों में भी सर्वसम्मति बनी। इसके अलावा ददाहू विकास खंड की चाढ़ना तथा पांवटा साहिब विकास खंड की भैला और शिवा पंचायत भी निर्विरोध चुनी गई हैं।