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खाद्य सुरक्षा नियमों में सिरमौर आगे, 5963 खाद्य कारोबारियों का हुआ पंजीकरण

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

जिला सिरमौर में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में 5963 खाद्य कारोबारियों का पंजीकरण किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा किए गए निरीक्षणों में लिए गए 300 नमूनों में से 30 नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे, जिन मामलों में संबंधित कारोबारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है।

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जिला सिरमौर में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से उपायुक्त प्रियंका वर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को उपायुक्त कार्यालय के सभागार में जिला स्तरीय खाद्य सुरक्षा सलाहकार समिति की बैठक आयोजित हुई।बैठक में उपायुक्त ने कहा कि लोगों को स्वच्छ एवं उच्च गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि सभी खाद्य कारोबारियों का अधिनियम के तहत पंजीकरण अनिवार्य है तथा इसके लिए व्यापारी स्वयं या लोक मित्र केंद्रों के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान जिला में 5963 खाद्य कारोबारियों का पंजीकरण हुआ, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में आठ प्रतिशत अधिक है।

उपायुक्त ने शिक्षा विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देश दिए कि स्कूलों में मध्याह्न भोजन और आंगनवाड़ी केंद्रों में खाद्यान्न का सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा मध्याह्न भोजन से जुड़े कर्मचारियों एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जाए।बैठक में जानकारी दी गई कि अप्रैल 2025 से जून 2026 के बीच 201 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान 120 विधिक तथा 180 निगरानी नमूने लिए गए, जिनमें 30 नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे। इन मामलों में संबंधित कारोबारियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
बैठक में यह भी बताया गया कि गत वर्ष 28 मामलों में कार्रवाई करते हुए 3 लाख 57 हजार 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं दो मामलों को आपराधिक श्रेणी में दर्ज किया गया, जिनमें न्यायालय ने एक दिन के कारावास के साथ एक लाख 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।

बैठक में बताया गया कि पिछले वित्त वर्ष के दौरान राजगढ़, पांवटा साहिब, सतौन और ददाहू में जागरूकता शिविर आयोजित कर 256 खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा संबंधी नियमों की जानकारी दी गई।बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि जिला में एक खाद्य सुरक्षा वाहन संचालित है, जो व्यापारियों और उपभोक्ताओं को जागरूक करने के साथ खाद्य पदार्थ, डेयरी उत्पाद, खाद्य तेल, पानी एवं मिठाइयों के नमूने एकत्र कर मौके पर ही उनकी जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराता है।इसके अलावा मंदिरों और गुरुद्वारों में आयोजित भंडारों एवं लंगरों के लिए खाद्य सुरक्षा प्रमाणपत्र जारी किए जाते हैं, जिनकी वैधता दो वर्ष होती है।सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा अरुण चौहान ने बैठक के विभिन्न एजेंडा बिंदुओं का क्रमवार प्रस्तुतीकरण किया। बैठक में डीएसपी मुख्यालय रमाकांत ठाकुर, डीएफएससी शमशेर सिंह, खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रियंका कश्यप तथा समिति के सरकारी एवं गैर-सरकारी सदस्य उपस्थित रहे।