सिरमौर में वन संरक्षण योजनाओं के तहत 1.99 लाख से अधिक पौधों का रोपण और वितरण, जनभागीदारी पर जोर
प्रदेश सरकार की विभिन्न वन संरक्षण योजनाओं के तहत जिला सिरमौर में पौधारोपण और पौध वितरण के कार्य जारी हैं। वन विभाग के अनुसार इन योजनाओं के माध्यम से वन क्षेत्र के विस्तार के साथ स्थानीय समुदायों की भागीदारी और रोजगार सृजन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
नाहन
वन संरक्षण और पौधारोपण योजनाओं का किया जा रहा विस्तार
बदलते जलवायु परिदृश्य और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए हिमाचल प्रदेश सरकार वन संरक्षण एवं संवर्धन से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता के साथ लागू कर रही है। वन विभाग के अनुसार जिला सिरमौर में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से पौधारोपण, वन क्षेत्र के विस्तार, जल संरक्षण और जैव विविधता के संरक्षण पर कार्य किया जा रहा है। विभाग ने बताया कि इन कार्यक्रमों में युवक मंडलों, महिला मंडलों, स्वयं सहायता समूहों तथा स्थानीय समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी उपलब्ध हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री वन विस्तार योजना के तहत 55 हेक्टेयर में लगाए गए 27,500 पौधे
वन विभाग के अनुसार मुख्यमंत्री वन विस्तार योजना के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में जिला सिरमौर के 55 हेक्टेयर क्षेत्र में 27,500 पौधों का रोपण किया गया। इस कार्य पर लगभग 1 करोड़ 3 लाख 50 हजार रुपये व्यय किए गए। विभाग ने बताया कि योजना के अगले चरण में वर्ष 2026-27 के लिए 88 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य वन क्षेत्र में वृद्धि के साथ पर्यावरण संरक्षण को दीर्घकालिक आधार प्रदान करना है।
ग्रीन अडॉप्शन योजना और ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान का भी हुआ क्रियान्वयन
मुख्यमंत्री ग्रीन अडॉप्शन योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में नाहन वन मंडल के 5 हेक्टेयर क्षेत्र में 1,000 पौधों का रोपण किया गया। योजना के तहत नागरिकों को पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी से भी जोड़ा जा रहा है ताकि पौधारोपण के साथ उनकी देखभाल सुनिश्चित हो सके। इसके अतिरिक्त ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत वन विभाग ने विद्यालयों, युवक मंडलों, महिला मंडलों तथा स्वयं सहायता समूहों के सहयोग से 59,100 पौधों का वितरण किया। अभियान के माध्यम से नागरिकों को पौधारोपण के लिए प्रेरित किया गया।
वन संवर्धन योजना में 141 हेक्टेयर क्षेत्र हुआ शामिल
मुख्यमंत्री वन संवर्धन योजना के तहत वर्ष 2025-26 में युवक मंडलों, महिला मंडलों तथा स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से प्रति हेक्टेयर 800 पौधे लगाए गए। इस योजना के अंतर्गत अब तक 141 हेक्टेयर क्षेत्र में 1,12,800 पौधों का रोपण किया जा चुका है, जिस पर लगभग 1 करोड़ 69 लाख रुपये व्यय किए गए हैं। विभाग के अनुसार इस योजना से 52 युवक मंडलों एवं महिला मंडलों को पौधारोपण कार्यों के माध्यम से रोजगार के अवसर भी प्राप्त हुए हैं।
स्थानीय लोगों ने साझा किए अनुभव
कौलावालाभूड़ निवासी जीवन लाल, तकी मोहम्मद और यश ने बताया कि वे वन विभाग के सहयोग से पौधारोपण कार्य में भाग ले रहे हैं। उनका कहना है कि पौधे पर्यावरण संरक्षण, भूमि संरक्षण, जल स्रोतों के संवर्धन और जैव विविधता के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने बताया कि लगाए जा रहे पौधों का संरक्षण भी आवश्यक है ताकि भविष्य में इनका पर्यावरणीय लाभ प्राप्त हो सके।
संरक्षण और जनभागीदारी पर विभाग का विशेष फोकस
वन विभाग ने स्पष्ट किया कि इन योजनाओं का उद्देश्य केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों का संरक्षण, स्थानीय समुदायों की भागीदारी और दीर्घकालिक वन विकास सुनिश्चित करना भी है। विभाग के अनुसार आगामी वर्षों में भी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से पौधारोपण, वन संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन से जुड़े कार्य जारी रहेंगे।
