प्रधानमंत्री के समक्ष सिरमौर के हाटी कलाकारों ने पेश की नाटी, गुजरात में दिखी लोक संस्कृति
गुजरात के एकता नगर में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में सिरमौर जिले के लोक कलाकारों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष गिरिपार क्षेत्र की हाटी नाटी प्रस्तुत की। करीब 12 मिनट की सामूहिक सांस्कृतिक प्रस्तुति में देश की विभिन्न लोक, जनजातीय और शास्त्रीय नृत्य परंपराओं के साथ सिरमौरी संस्कृति को भी राष्ट्रीय मंच मिला। डॉ. जोगिंद्र हाब्बी और कैलाश शर्मा के नेतृत्व में कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में प्रस्तुति देकर क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत प्रदर्शित की।
नाहन
एकता नगर स्थित परेड ग्राउंड में सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि रहे। कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। उत्तर क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र पटियाला के निदेशक अश्विन महेश दलवी के निर्देश और कार्यक्रम अधिकारी राजेश बक्शी की देखरेख में सिरमौर के कलाकारों ने हाटी लोक संस्कृति प्रस्तुत की। दल में लोक गायक चंद्र मोहन ठाकुर, चमन लाल, डॉ. ईश्वर शर्मा और महिमा नंद सहित अन्य सहयोगी एवं कला विशेषज्ञ शामिल रहे।
पारंपरिक परिधानों में प्रस्तुत की हाटी संस्कृति
राष्ट्रीय एकता, ‘वंदे मातरम्’ और ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की थीम पर आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों की लोक नृत्य शैलियों, पारंपरिक वेशभूषाओं और सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन किया गया। सिरमौरी कलाकार घाघटू, झगटू, ढाठू, लोइया, सूथन, डांगरा, गातरा और टोपी जैसे पारंपरिक परिधानों में मंच पर उतरे। राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह का प्रमुख आकर्षण देशभर की जनजातीय, लोक और शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुतियां रहीं। कार्यक्रम में उपस्थित दर्शकों ने सिरमौरी हाटी संस्कृति की प्रस्तुति की सराहना की।
पांच हजार कलाकारों ने लिया हिस्सा
डॉ. जोगिंद्र हाब्बी के अनुसार, 22 से 30 अक्टूबर तक पांच हजार कलाकारों की सामूहिक सांस्कृतिक प्रस्तुति का पूर्वाभ्यास किया गया। इसके बाद 31 अक्टूबर को प्रधानमंत्री के समक्ष करीब 12 मिनट का कार्यक्रम प्रस्तुत हुआ। देश की विविध लोक और जनजातीय नृत्य परंपराओं को आठ बड़े समूहों में संयोजित किया गया था। आयोजन में 50 से अधिक लोक नृत्य विधाओं और आठ शास्त्रीय नृत्य शैलियों को शामिल किया गया। गुजरात से करीब तीन हजार और अन्य राज्यों से दो हजार कलाकारों ने इसमें भाग लिया।
राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के कलाकारों ने भी ‘नक्सल मुक्त भारत’ विषय पर आधारित नृत्य नाटिका प्रस्तुत की। ‘वंदे मातरम्’ गीत पर नृत्य की कोरियोग्राफी संगीत नाटक अकादमी की अध्यक्ष डॉ. संध्या पुरेचा ने की। डॉ. हाब्बी ने कहा कि इस राष्ट्रीय आयोजन से हिमाचल प्रदेश की लोक परंपराओं को बड़े मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर मिला। कार्यक्रम गुजरात सरकार, युवा सेवा एवं खेल विभाग, केंद्रीय गृह एवं संस्कृति मंत्रालय, क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्रों, संगीत नाटक अकादमी और राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।