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मजदूर विरोधी चार लेबर कोड के खिलाफ सिरमौर में ब्लैक डे, फैक्ट्री गेट पर प्रदर्शन

PRIYANKA THAKUR 1 Apr 2026 Edited 1 Apr Quick read

Himachalnow / नाहन

हमीरपुर में 3 से 5 अप्रैल तक आयोजित प्रतियोगिता के लिए सिरमौर में मजदूरों ने चार लेबर कोड के खिलाफ ब्लैक डे मनाया। सीटू से जुड़े मजदूरों ने इन कानूनों को श्रमिक हितों के खिलाफ बताते हुए फैक्ट्री गेट पर प्रदर्शन किया। मजदूर नेताओं ने सरकार से कानून वापस लेने की मांग करते हुए आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।

नाहन

जिला सिरमौर में बुधवार को ब्लैक डे के तहत मजदूरों ने फैक्ट्री गेट पर एकजुट होकर केंद्र सरकार द्वारा लाए गए चार लेबर कोड के खिलाफ प्रदर्शन किया। सीटू से जुड़े मजदूरों और पदाधिकारियों ने इन कानूनों को श्रमिक हितों के खिलाफ बताते हुए इन्हें वापस लेने की मांग उठाई।प्रदर्शन की अध्यक्षता टाटा कंस्यूमर प्रोडक्ट लिमिटेड से संबंधित सीटू इकाई धोला कुआं के अध्यक्ष लेखराज और महासचिव बंसी लाल ने की। इस दौरान सीटू जिला महासचिव आशीष कुमार विशेष रूप से मौजूद रहे।

आशीष कुमार ने कहा कि चारों लेबर कोड मजदूर विरोधी काले कानून हैं, जिनसे श्रमिकों के अधिकार कमजोर होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि इन कानूनों के लागू होने से काम के घंटे बढ़ने, यूनियन गतिविधियों पर असर पड़ने और मजदूरों की सामाजिक सुरक्षा पर खतरा बढ़ने की आशंका है। उन्होंने कहा कि मजदूर वर्ग इन प्रावधानों को अपने हितों के खिलाफ मानता है।उन्होंने कहा कि श्रमिकों के पीएफ, ईएसआई और अन्य सामाजिक सुरक्षा प्रावधानों पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। साथ ही मजदूरों के संगठनात्मक अधिकारों को भी सीमित करने की कोशिश की जा रही है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

प्रदर्शन में सीटू जिला उपाध्यक्ष लेखराज, यूनियन महासचिव बंसी लाल, पूर्व महासचिव जलम सिंह, कोषाध्यक्ष सुरेश, अजीत पाल तथा किसान सभा के पूर्व राज्य उपाध्यक्ष विश्वनाथ शर्मा सहित कई मजदूर नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मजदूर नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने इन लेबर कोड पर पुनर्विचार नहीं किया, तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।