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पंचायत और निकाय चुनाव की तैयारियां तेज, जिला सिरमौर में उपायुक्त कार्यालय में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई

हिमाचलनाउ डेस्क • 10 Jan 2025 • 1 Min Read

Himachalnow / नाहन

नाहन, 10 जनवरी – जिला सिरमौर में उपायुक्त कार्यालय के सभागार में आज राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल कुमार खाची की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, पंचायत सचिव, निरीक्षक और अन्य संबंधित कर्मचारी शामिल हुए।

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकायों के सामान्य चुनाव वर्ष 2025-26 में होने संभावित हैं। इस संदर्भ में आयोग ने प्रारंभिक तैयारियां शुरू कर दी हैं। उन्होंने बताया कि मतपेटियों की मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया गया है और अब उनकी पेंटिंग, क्यूआर कोडिंग, और आयलिंग-ग्रीसींग का कार्य प्रगति पर है। क्यूआर कोडिंग से हर मतपेटी की अलग पहचान सुनिश्चित की जाएगी।


नई तकनीक और डिजिटल प्रबंधन प्रणाली की पहल

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने जानकारी दी कि आयोग ने “इंवेंट्री मैनेजमेंट एप्लीकेशन” तैयार की है, जिसके माध्यम से चुनाव सामग्री का वितरण किया जाएगा। मतदाता दलों को मतपेटियां क्यूआर कोड स्कैन करके उपलब्ध कराई जाएंगी। यह तकनीक चुनाव प्रबंधन को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाएगी।


प्रशासन को दिए गए निर्देश

  1. निर्वाचन स्टोर की सफाई और दस्तावेज नष्ट करने की प्रक्रिया
    • आयोग ने निर्देश दिया कि निर्वाचन स्टोर की सफाई का कार्य शीघ्र आरंभ किया जाए।
    • पुराने अभिलेखों को नियमानुसार नष्ट करने की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए।
  2. वार्डबंदी और मतदाता सूची का अद्यतन
    • वार्डबंदी और मतदाता सूचियों के कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
    • प्रचार के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस, होर्डिंग, बैनर और लाउडस्पीकर का उपयोग करने के निर्देश दिए गए।
  3. पुनर्गठन और आरक्षण का कार्य
    • पंचायती राज संस्थाओं के पुनर्गठन के बाद वार्डों के निर्धारण और आरक्षण का कार्य 30 जून, 2025 तक पूरा करने के निर्देश दिए गए।

मतदाता जागरूकता अभियान

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने स्पष्ट किया कि भारत निर्वाचन आयोग और राज्य निर्वाचन आयोग अलग-अलग संस्थाएं हैं, और उनकी मतदाता सूचियां भी अलग होती हैं।

  • उन्होंने कहा कि स्थानीय निकाय चुनावों में मतदान के लिए राज्य निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची में नाम होना अनिवार्य है।
  • जनता को जागरूक किया जाए कि केवल मतदाता पहचान पत्र होने से मतदान का अधिकार नहीं मिलता।
  • मतदाता सूची के प्रारूप प्रकाशित होने पर अपने और परिवार के नाम की जांच करना आवश्यक है।

समन्वय और जागरूकता पर बल

चुनाव अधिकारी संजीव कुमार महाजन ने निर्वाचन प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि चुनाव संबंधी सभी कार्य तय समय सीमा में पूरे किए जाएं और आम जनता को इसके प्रति जागरूक किया जाए।

यह बैठक पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकाय चुनावों की पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।