हादसा / सोलन के कुमारहट्टी में आवारा सांड के हमले में व्यापारी की मौत, बेटे का उपचार जारी
हादसा : कुमारहट्टी में घर के बाहर सफाई कर रहे एक व्यापारी पर आवारा सांड ने हमला कर दिया। हमले में व्यापारी गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उनकी मृत्यु हो गई। उन्हें बचाने पहुंचे उनके बेटे पर भी सांड ने हमला किया, जिससे वह घायल हो गए और अस्पताल में उनका उपचार जारी है।
सोलन
आवारा सांड के हमले में व्यापारी की मौत
राष्ट्रीय उच्च मार्ग-5 पर स्थित कुमारहट्टी में बुधवार सुबह आवारा सांड के हमले में 55 वर्षीय व्यापारी देवेंद्र वोहरा की मृत्यु हो गई। जानकारी के अनुसार वह अपने घर के बाहर मौजूद थे, तभी सांड ने उन पर हमला कर दिया। हमले के बाद उन्हें गंभीर चोटें आईं और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के दौरान उन्हें बचाने पहुंचे उनके बेटे पर भी सांड ने हमला किया, जिससे वह घायल हो गए। उनका उपचार जारी है।
घर के बाहर सफाई के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह करीब 8:15 बजे देवेंद्र वोहरा अपने घर के बाहर सीढ़ियों की सफाई कर रहे थे। इसी दौरान एक आवारा सांड वहां पहुंचा और अचानक उन पर हमला कर दिया। हमले में वह सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने घटना की सूचना परिजनों को दी। इसके बाद उनका बेटा मौके पर पहुंचा और पिता को बचाने का प्रयास किया, लेकिन सांड ने उस पर भी हमला कर दिया। दोनों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां देवेंद्र वोहरा को मृत घोषित किया गया। चिकित्सकों के अनुसार उनके बेटे का उपचार चल रहा है।
व्यापार मंडल ने बाजार रखा बंद
देवेंद्र वोहरा लंबे समय से कुमारहट्टी बाजार में “वोहरा ब्रदर्स” के नाम से दुकान संचालित कर रहे थे। उनके निधन की सूचना के बाद व्यापार मंडल कुमारहट्टी ने बाजार बंद रखने का निर्णय लिया। व्यापारियों ने दिवंगत व्यापारी को श्रद्धांजलि अर्पित की और दिनभर दुकानें बंद रखीं। स्थानीय व्यापारियों के अनुसार देवेंद्र वोहरा क्षेत्र में एक परिचित व्यापारी थे और लंबे समय से बाजार से जुड़े हुए थे।
स्थानीय लोगों ने उठाई समस्या के समाधान की मांग
स्थानीय लोगों और व्यापारियों का कहना है कि कुमारहट्टी क्षेत्र में आवारा सांडों और अन्य बेसहारा पशुओं की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। लोगों के अनुसार इस संबंध में पहले भी कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि आवारा पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर भेजने की व्यवस्था की जाए और सड़क तथा बाजार क्षेत्रों में नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।