सोलन में महिला की मौत के डेढ़ माह बाद भी नहीं मिला मृत्यु प्रमाणपत्र, जांच जारी
पथरी के ऑपरेशन के बाद महिला की मौत के मामले में परिजनों को करीब डेढ़ माह बाद भी मृत्यु प्रमाणपत्र नहीं मिल पाया है। अर्की अस्पताल और आईजीएमसी के बीच रिकॉर्ड और रेफरल स्थिति स्पष्ट न होने के कारण प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया लंबित बताई जा रही है। परिवार को दस्तावेज के लिए लगातार अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
सोलन
मृत्यु प्रमाणपत्र जारी न होने पर परिजनों ने उठाए सवाल
सोलन जिले के अर्की क्षेत्र में पथरी के ऑपरेशन के बाद महिला की मौत के मामले में करीब डेढ़ माह बीत जाने के बाद भी परिजनों को मृत्यु प्रमाणपत्र नहीं मिल पाया है। परिवार के सदस्य दस्तावेज के लिए लगातार अर्की अस्पताल और इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) शिमला के बीच संपर्क कर रहे हैं। प्रमाणपत्र जारी न होने के कारण परिजनों को प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया पूरी करने में दिक्कत आ रही है।
अस्पतालों के रिकॉर्ड को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं
जानकारी के अनुसार नागरिक चिकित्सालय अर्की में पथरी का ऑपरेशन होने के बाद महिला को आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया था। अर्की अस्पताल का कहना है कि महिला को जीवित अवस्था में रेफर किया गया था, जबकि आईजीएमसी के रिकॉर्ड के अनुसार महिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत थी। दोनों संस्थानों के रिकॉर्ड में यह अंतर होने के कारण मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है। परिजनों का कहना है कि वे इस स्थिति के कारण बार-बार अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
परिजनों ने प्रशासन से समाधान की मांग की
महिला के पति हेमराज शर्मा ने बताया कि वह कई बार अर्की अस्पताल और आईजीएमसी से संपर्क कर चुके हैं, लेकिन अब तक मृत्यु प्रमाणपत्र जारी नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि परिवार को आवश्यक दस्तावेज न मिलने से आगे की औपचारिकताएं भी प्रभावित हो रही हैं। हेमराज शर्मा ने प्रशासन से मामले का शीघ्र समाधान करने की मांग की है, ताकि परिवार को प्रमाणपत्र उपलब्ध कराया जा सके।
जांच के लिए पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
परिजनों के अनुसार मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच के लिए एक टीम अर्की अस्पताल पहुंची थी। परिवार के सदस्यों को भी वहां बुलाया गया था। परिजनों ने बताया कि वे दोपहर 3 बजे तक अस्पताल में मौजूद रहे, लेकिन उन्हें जांच से जुड़ी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। विभागीय स्तर पर मामले से संबंधित तथ्यों की जांच की जा रही है और रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
मई माह की है घटना
जानकारी के अनुसार भूमती क्षेत्र के गांव चुनाड़ निवासी सीमा देवी मई माह में पथरी के ऑपरेशन के लिए अर्की अस्पताल पहुंची थीं। इसके बाद उन्हें आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया था, जहां ले जाते समय उनकी मृत्यु हो गई। घटना के बाद परिजनों ने मामले की जांच और आवश्यक दस्तावेज जारी करने की मांग उठाई थी। अब करीब डेढ़ माह बाद भी मृत्यु प्रमाणपत्र न मिलने से परिवार की परेशानी बनी हुई है।
प्रशासनिक प्रक्रिया पर भी उठे प्रश्न
स्थानीय स्तर पर बताया गया कि मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया में पंचायत प्रमाणपत्र की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। यदि पंचायत स्तर पर प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं होता है, तो संबंधित विभाग को लिखित शिकायत दी जा सकती है। मामले में संबंधित विभागों की ओर से जांच जारी है और आगे की कार्रवाई रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।