मंडी के सुकेती खड्ड में डूबे छात्र को CPR देकर अस्पताल कर्मियों ने बचाया
मंडी जिले के गुटकर क्षेत्र में सुकेती खड्ड में डूबे एक छात्र को अस्पताल कर्मियों द्वारा मौके पर CPR देकर बचाया गया। छात्र को प्राथमिक सहायता देने के बाद अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां उसका उपचार जारी है।
मंडी
सुकेती खड्ड में नहाने के दौरान हुआ हादसा
मंडी जिले के गुटकर क्षेत्र में बुधवार को एक छात्र के डूबने की घटना सामने आई। जानकारी के अनुसार तीन स्कूली छात्र सुकेती खड्ड में नहाने के लिए गए थे। इस दौरान 17 वर्षीय एक छात्र गहरे पानी में चला गया। बताया गया कि छात्र को तैरना नहीं आता था, जिसके कारण वह पानी में डूबने लगा। आसपास मौजूद लोगों ने स्थिति को देखते हुए तुरंत बचाव प्रयास शुरू किए और कुछ समय बाद छात्र को पानी से बाहर निकाला गया। घटना के दौरान मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ एकत्र हो गई और प्राथमिक सहायता उपलब्ध करवाने के प्रयास किए गए।
अस्पताल कर्मियों ने मौके पर दी सीपीआर सहायता
घटना स्थल के समीप स्थित हिमाचल हार्ट इंस्टीट्यूट मांडव अस्पताल के दो कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे। इनमें वार्ड बॉय रजत और हाउसकीपर बलदेव शामिल थे। दोनों कर्मचारियों ने छात्र की स्थिति को देखते हुए मौके पर ही सीपीआर प्रक्रिया शुरू की। प्राथमिक जीवनरक्षक सहायता देने के बाद छात्र की सांसों में सुधार देखा गया, जिसके बाद उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में छात्र का उपचार जारी है और उसकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू की गई। जानकारी के अनुसार छात्र ब्राधीवीर क्षेत्र में अपने परिवार के साथ किराये के मकान में रहता है। उसके पिता दिहाड़ी मजदूरी का कार्य करते हैं। पुलिस द्वारा घटना स्थल से संबंधित जानकारी एकत्र की जा रही है और यह भी देखा जा रहा है कि घटना किन परिस्थितियों में हुई। एसपी मंडी विनोद कुमार ने बताया कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
अस्पताल प्रबंधन ने प्रशिक्षण व्यवस्था की दी जानकारी
हिमाचल हार्ट इंस्टीट्यूट मांडव अस्पताल के एमडी डॉ. संदीप बांगा ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा स्टाफ को नियमित रूप से सीपीआर और अन्य जीवनरक्षक प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्होंने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर प्राथमिक चिकित्सा सहायता उपलब्ध करवाना महत्वपूर्ण होता है और इसी उद्देश्य से कर्मचारियों को विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण दिए जाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि स्कूलों और अन्य संस्थानों में भी सीपीआर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि अधिक लोग प्राथमिक जीवनरक्षक तकनीकों की जानकारी प्राप्त कर सकें।
क्या होती है सीपीआर प्रक्रिया
सीपीआर यानी कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन एक आपातकालीन प्राथमिक चिकित्सा प्रक्रिया है, जिसका उपयोग तब किया जाता है जब किसी व्यक्ति की सांस या हृदय की धड़कन अचानक बंद हो जाती है। इस प्रक्रिया में छाती पर लगातार दबाव देने और आवश्यकता पड़ने पर कृत्रिम सांस देने के माध्यम से शरीर के महत्वपूर्ण अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने का प्रयास किया जाता है। चिकित्सकीय सहायता मिलने तक यह प्रक्रिया व्यक्ति की स्थिति को स्थिर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
