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प्राकृतिक खेती को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दे रही सुक्खू सरकार, एमएसपी बढ़ने से किसानों में बढ़ा भरोसा

PRIYANKA THAKUR • 17 Apr 2026 • 1 Min Read

Himachalnow / ऊना / वीरेंद्र बन्याल

प्राकृतिक खेती अब हिमाचल के किसानों के लिए भरोसे की खेती बनती जा रही है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा प्राकृतिक खेती से उत्पादित फसलों के एमएसपी में वृद्धि का निर्णय किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रहा है।एमएसपी बढ़ने से किसानों में उत्साह बढ़ा है और वे इसे आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं।

ऊना

प्राकृतिक खेती अब हिमाचल के किसानों के लिए सिर्फ विकल्प नहीं, भरोसे की खेती बनती जा रही है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा वर्ष 2026-27 के बजट में प्राकृतिक खेती से उत्पादित फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी के फैसले ने इस भरोसे को और मजबूत किया है।सरकार ने प्राकृतिक खेती से उगाए गए गेहूं का एमएसपी 60 से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलोग्राम, मक्का का 40 से 50 रुपये और हल्दी का 90 से 150 रुपये प्रति किलोग्राम कर दिया है। इस बढ़ोतरी से किसानों को अपनी उपज का बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है।

ग्रामीण क्षेत्रों में इस फैसले को सकारात्मक रूप से देखा जा रहा है। किसानों का कहना है कि जब फसल का सही मूल्य मिलेगा, तो प्राकृतिक खेती अपनाने का उत्साह भी बढ़ेगा। ऊना ज़िला के किसान सरकार के एमएसपी वृद्धि के निर्णय को दूरदर्शी सोच और किसान हितैषी बता रहे हैं। इसके लिए उन्होंने एकस्वर में प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया है। ऊना ब्लॉक के मलाहत गांव के प्रगतिशील किसान केवल चंद का कहना है कि मक्की, गेहूं और हल्दी के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी करना प्रदेश सरकार का निर्णय अत्यंत सराहनीय है। यह निर्णय और भी किसानों को प्राकृतिक खेती की ओर प्रोत्साहित करेगा तथा युवाओं में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुखू का इस जनहितैषी पहल के लिए धन्यवाद किया।

वहीं, घालूवाल के किसान कुलवंत सिंह, जो पिछले सात–आठ वर्षों से प्राकृतिक खेती से जुड़े हैं, ने भी सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि वह गेहूं, मक्की, चना, मसूर, प्याज सहित अनेक फसलों का उत्पादन प्राकृतिक पद्धति से कर रहे हैं। प्राकृतिक खेती से उनके जैसे किसानों की आर्थिक स्थिति तो सुधरी ही है, इससे उत्पादन क्षमता में भी वृद्धि हुई है। एक सुकून यह भी है कि हम इसके जरिए जहरमुक्त स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद उपलब्ध करवा रहे हैं।।कुलवंत सिंह के अनुसार सरकार का एमएसपी बढ़ोतरी का ऐतिहासिक निर्णय प्रदेश में रसायनमुक्त खेती को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होगा। इससे अधिक से अधिक किसान व युवा प्राकृतिक खेती से जुड़ने के लिए प्रेरित होंगे। साथ ही, यह कदम किसानों को आत्मनिर्भर बनाने तथा कृषि क्षेत्र को स्थायी व सशक्त दिशा देने वाला है।

प्राकृतिक खेती को मिलेगी नई गति

आत्मा परियोजना की उपनिदेशक डॉ. प्यारो देवी के अनुसार, ऊना जिले में 14,240 किसान पहले ही प्राकृतिक खेती से जुड़े हुए हैं। एमएसपी में वृद्धि से इन किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और अन्य किसानों का रुझान भी इस ओर बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन और प्रशिक्षण देकर इस अभियान को और सशक्त किया जा रहा है।

आय बढ़ाने की दिशा में प्रभावी पहल

उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देशानुसार जिले में किसान हितैषी योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत किसानों तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जा रहा है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के साथ-साथ किसानों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है, ताकि उनकी आय में वृद्धि हो, ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत बने और खाने की थाली तक शुद्धता पहुंचे।