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सुंदरनगर में विश्व पृथ्वी दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति किया जागरूक

PRIYANKA THAKUR • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Himachalnow / मंडी

सुंदरनगर में विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों के लिए पर्यावरण संरक्षण विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्रों को सतत जीवनशैली, प्रदूषण नियंत्रण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से जुड़े उपायों की जानकारी दी गई।

सुंदरनगर

स्कूल में आयोजित हुआ जागरूकता कार्यक्रम
विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की क्षेत्रीय प्रयोगशाला सुंदरनगर द्वारा एंजेल्स पब्लिक स्कूल, पुराना बाजार सुंदरनगर में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग के प्रति जागरूक करना था। इस दौरान स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों की उपस्थिति में छात्रों ने कार्यक्रम में भाग लेकर जानकारी प्राप्त की।

पर्यावरणीय चुनौतियों पर दी जानकारी
कार्यक्रम में वैज्ञानिक अधिकारी बनिता ठाकुर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए वायु, जल और मृदा प्रदूषण जैसी प्रमुख पर्यावरणीय समस्याओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में इन चुनौतियों का प्रभाव बढ़ रहा है और इसके समाधान के लिए समाज के सभी वर्गों की भागीदारी आवश्यक है। विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में अपनाए जा सकने वाले उपायों जैसे प्लास्टिक के उपयोग में कमी, जल संरक्षण, ऊर्जा बचत और वृक्षारोपण के महत्व के बारे में भी बताया गया।

थीम और सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर
इस वर्ष के विश्व पृथ्वी दिवस की थीम “हमारी शक्ति, हमारा ग्रह” के महत्व को स्पष्ट करते हुए वक्ताओं ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिवस तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पृथ्वी के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं और प्रत्येक व्यक्ति अपनी भूमिका निभाकर इसमें योगदान दे सकता है।

पर्यावरण संरक्षण के लिए अपील
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रीय प्रयोगशाला सुंदरनगर की वैज्ञानिक अधिकारी प्रभारी प्रोमिला शर्मा ने सभी उपस्थित लोगों से पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय योगदान देने की अपील की। स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों ने इस पहल को उपयोगी बताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाने और जिम्मेदार व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं।