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TET / 23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए टेट अनिवार्य नहीं, NCTE ने न्यायालय में किया स्पष्ट

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 5 Hours Ago • 1 Min Read

TET : शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को लेकर लंबे समय से बनी असमंजस की स्थिति पर राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) ने न्यायालय में दायर शपथपत्र के माध्यम से स्पष्ट रुख रखा है। परिषद के अनुसार 23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य नहीं है। इससे उन हजारों शिक्षकों को राहत मिलने की संभावना है, जो अपनी नियुक्ति पर टीईटी की अनिवार्यता को लेकर संशय में थे।

 शिमला

एनसीटीई के शपथपत्र में कहा गया है कि 3 सितंबर 2001 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से पूरी तरह छूट प्राप्त है। केवल टीईटी उत्तीर्ण न होने के आधार पर उनकी नियुक्ति या सेवा पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं डाला जा सकता। परिषद ने स्पष्ट किया है कि बाद में लागू किए गए पात्रता संबंधी नियमों को पूर्व प्रभाव से लागू नहीं किया जा सकता।

2001 से 23 अगस्त 2010 के बीच नियुक्त शिक्षकों को भी राहत

एनसीटीई ने यह भी स्पष्ट किया है कि 3 सितंबर 2001 से 23 अगस्त 2010 के बीच नियुक्त शिक्षकों पर भी टीईटी की अनिवार्यता लागू नहीं होगी। परिषद के अनुसार उस अवधि में टीईटी व्यवस्था अस्तित्व में नहीं थी, इसलिए उस समय लागू नियमों के अनुसार की गई नियुक्तियां पूरी तरह वैध मानी जाएंगी। शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों का भी मानना है कि नियुक्ति के समय प्रभावी नियमों के आधार पर हुई नियुक्तियों पर बाद में लागू पात्रता परीक्षा को लागू नहीं किया जा सकता।

23 अगस्त 2010 के बाद नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य

एनसीटीई ने 23 अगस्त 2010 को जारी अधिसूचना के माध्यम से प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के शिक्षकों की नियुक्ति के लिए टीईटी को आवश्यक पात्रता घोषित किया था। इसलिए इस तिथि के बाद नियुक्त होने वाले शिक्षकों के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य रहेगा। परिषद के इस स्पष्ट रुख से प्रदेश सहित देशभर के उन शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनकी नियुक्ति टीईटी लागू होने से पहले हुई थी।

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