ऊना के रेड लाइट चौक पर भीख मांगते 3 बच्चों का रेस्क्यू, परिजनों को सौंपकर चेतावनी दी गई
ऊना के रेड लाइट चौक पर चाइल्ड हेल्पलाइन टीम ने विशेष अभियान चलाकर भीख मांगते तीन बच्चों को रेस्क्यू किया। बच्चों को वन स्टॉप सेंटर ले जाकर नियमानुसार कार्रवाई के बाद उनके पिता के सुपुर्द किया गया। जिला बाल संरक्षण इकाई ने बच्चों से भिक्षावृत्ति करवाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
ऊना/वीरेंद्र बन्याल
ऊना जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं जिला बाल संरक्षण अधिकारी के निर्देश पर चाइल्ड हेल्पलाइन टीम द्वारा आज रेड लाइट चौक के पास विशेष अभियान चलाया गया।अभियान के दौरान टीम को 3 बच्चे अपनी माता के साथ भीख मांगते हुए मिले। तत्काल कार्रवाई करते हुए चाइल्ड हेल्पलाइन कोऑर्डिनेटर रीना, सुपरवाइजर आशी तथा केस वर्कर चंचल व कौशल मौके पर पहुंचे।तीनों बच्चों को मौके से रेस्क्यू कर चाइल्ड हेल्पलाइन टीम द्वारा बन स्टॉप सेंटर ले जाया गया। घटना की जानकारी तत्काल स्थानीय पुलिस को दी गई। नियमानुसार बाल कल्याण समिति (CWC) को भी मामले से अवगत कराया गया।
मौके पर ही बच्चों के पिता को बुलाया गया। CWC के दिशा-निर्देशानुसार आवश्यक कागजी कार्रवाई पूर्ण कर तीनों बच्चों को पिता के सुपुर्द किया गया।
पिता को सख्त हिदायत दी गई कि भविष्य में बच्चों से भिक्षावृत्ति न करवाई जाए। उन्हें बताया गया कि किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा 76 के तहत बच्चों से भीख मंगवाना संज्ञेय अपराध है, जिसमें 5 वर्ष तक की जेल व 1 लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है।कोऑर्डिनेटर रीना ने कहा कि बच्चों को शिक्षा से जोड़ना प्राथमिकता है। सुपरवाइजर आशी ने बताया कि परिवार की नियमित काउंसलिंग व फॉलोअप किया जाएगा ताकि बच्चे दोबारा भीख मांगने को मजबूर न हों।जिला बाल संरक्षण इकाई ने आमजन से अपील की है कि बाल श्रम, भिक्षावृत्ति या शोषण का कोई भी मामला दिखे तो तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाती है।