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ऊना के सात स्कूलों में बच्चों को कानूनी अधिकार और सुरक्षा उपायों की जानकारी

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 53 Mins Ago • 1 Min Read

ऊना जिले के सात विद्यालयों में सुरक्षित बचपन अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, संरक्षण कानूनों और निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी दी गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से चलाया जा रहा अभियान 31 अक्टूबर तक जारी रहेगा। इसका उद्देश्य बच्चों को शोषण, उत्पीड़न या अधिकारों के उल्लंघन की स्थिति में उपलब्ध कानूनी सहायता से अवगत कराने के साथ उन्हें असुरक्षित परिस्थितियों में उचित मदद लेने के लिए प्रेरित करना है।

ऊना के सात स्कूलों में बच्चों को कानूनी अधिकार और सुरक्षा उपायों की जानकारी

ऊना/वीरेंद्र बन्याल

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, ऊना की सचिव शिखा लखनपाल ने बताया कि मंगलवार को एएनएम इंटरनेशनल स्कूल टाहलीवाल, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धुंधला, जेएस विजडम स्कूल फ्रेंड्स कॉलोनी ऊना, डीएवी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ऊना, रॉकफोर्ड पब्लिक स्कूल रक्कड़ कॉलोनी, गुरुकुल पब्लिक स्कूल पक्का परोह और गोकुल स्कूल पक्का परोह में जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। मेरा बचपन, मेरा अधिकार और कानून जानो, बचपन बचाओ जैसे विषयों के माध्यम से विद्यार्थियों को बाल संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।

ऊना के सात स्कूलों में बच्चों को कानूनी अधिकार और सुरक्षा उपायों की जानकारी

कार्यक्रमों में बच्चों को उनके मौलिक एवं कानूनी अधिकारों, बाल संरक्षण से संबंधित कानूनों और अधिकारों के उल्लंघन की स्थिति में उपलब्ध सहायता के बारे में विस्तार से बताया गया। विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने तथा किसी भी प्रकार के शोषण या उत्पीड़न की स्थिति में उचित कानूनी सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रमों में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शिखा लखनपाल के साथ न्यायिक अधिकारी ईशा अग्रवाल, शिविक घई, अनुलेखा तंवर और अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अंब जतिंदर सिंह सहित संबंधित अधिकारियों ने सहभागिता की।

ऊना के सात स्कूलों में बच्चों को कानूनी अधिकार और सुरक्षा उपायों की जानकारी

निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी

अभियान के अंतर्गत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैनल अधिवक्ता भी विभिन्न विद्यालयों में पहुंचकर विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, संरक्षण संबंधी कानूनों और बच्चों के लिए उपलब्ध निःशुल्क कानूनी सहायता के बारे में जानकारी दे रहे हैं। बच्चों को समझाया जा रहा है कि शोषण, उत्पीड़न अथवा किसी अधिकार के उल्लंघन की स्थिति में वे कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को असुरक्षित परिस्थितियों की पहचान करने और समय पर उचित माध्यम से मदद मांगने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है।

बाल सुरक्षा के लिए विभागीय समन्वय पर जोर

शिखा लखनपाल ने बताया कि पुलिस विभाग और जिला प्रशासन के सहयोग से बाल अधिकारों, बाल सुरक्षा, साइबर सुरक्षा तथा कानूनी संरक्षण एवं सहायता तंत्र से संबंधित जागरूकता गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं। अभियान का लक्ष्य बच्चों के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम और बाल संरक्षण से जुड़े विभागों के बीच समन्वय मजबूत करना है। इसके साथ विद्यालयों, अभिभावकों, पैनल अधिवक्ताओं, पुलिस और प्रशासन की सक्रिय भागीदारी से प्रत्येक बच्चे के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने तथा समाज में बाल सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।