अनुसूचित जाति आयोग ने डेढ़ वर्ष में अधिकार संरक्षण और कल्याण पर दिया जोर: कुलदीप कुमार
हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार ने कहा कि आयोग ने पिछले डेढ़ वर्ष में अनुसूचित जाति समुदाय के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा, भेदभाव और उत्पीड़न के मामलों में त्वरित हस्तक्षेप तथा पात्र लोगों तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया है। उन्होंने ऊना के रामपुर स्थित आयोग कार्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान आयोग के कामकाज और उपलब्धियों की जानकारी दी।
ऊना/ऊना/वीरेंद्र बन्याल
कुलदीप कुमार ने कहा कि उत्पीड़न, भेदभाव, छुआछूत, जाति के आधार पर भूमि विवाद और अन्य अधिकारों से जुड़े मामले आयोग के संज्ञान में आने पर कार्रवाई की गई। संबंधित विभागों और जिला प्रशासन से रिपोर्ट तलब करने के साथ आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए, ताकि मामलों का समयबद्ध निपटारा हो सके। उन्होंने कहा कि आयोग का प्रयास है कि कोई भी व्यक्ति अपने संवैधानिक अधिकारों से वंचित न रहे और अन्याय की स्थिति में उसे समय पर राहत मिले।
आयोग अध्यक्ष ने कहा कि संस्था की भूमिका केवल शिकायतों के निवारण तक सीमित नहीं है। समुदाय को उसके संवैधानिक अधिकारों, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देना भी प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने आयोग को मार्गदर्शन और सहयोग देने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार जताया। प्रेस वार्ता में आयोग के सदस्य डॉ. विजय डोगरा, शालिनी जमवाल और सदस्य सचिव विश्रुत भारती भी उपस्थित रहे।
प्रदेशभर में जागरूकता शिविर
कुलदीप कुमार ने बताया कि जानकारी के अभाव में कई पात्र लोग सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाते। इसे देखते हुए आयोग ने प्रदेशभर में जागरूकता शिविरों की श्रृंखला शुरू की है। शिविरों में संवैधानिक अधिकारों, विभिन्न योजनाओं, पात्रता की शर्तों और उपलब्ध लाभों की जानकारी दी जा रही है। आयोग ने इस विषय पर सरल भाषा में विशेष जागरूकता सामग्री भी तैयार की है, जिसका विमोचन मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने किया था।
उन्होंने बताया कि आयोग विभिन्न जिलों में प्रशासन और संबंधित विभागों के साथ समीक्षा बैठकें भी आयोजित कर रहा है। इनमें अनुसूचित जाति समुदाय से जुड़े मामलों, अधिकारों की स्थिति और कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की जाती है। अधिकारियों को मामलों के समयबद्ध निपटारे और पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए जाते हैं। आयोग अधिकारों की रक्षा, शिकायत निवारण और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के स्तर पर व्यवस्था मजबूत करने का प्रयास कर रहा है।
स्कॉच अवार्ड-2026 के सेमीफाइनल में आयोग
कुलदीप कुमार ने कहा कि आयोग अनुसूचित जाति समुदाय के कल्याण के लिए किए जा रहे कार्यों के आधार पर स्कॉच अवार्ड-2026 के सेमीफाइनल में पहुंचा है। उन्होंने शिमला में मुख्यमंत्री से भेंट कर उन्हें इस उपलब्धि की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने आयोग के अध्यक्ष, सदस्यों और अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की तथा सामाजिक न्याय से जुड़ी पहलों को मजबूत करने और अनुसूचित जाति समुदाय के लिए संचालित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर बल दिया।
ऊना में स्थायी भवन की प्रक्रिया आगे बढ़ी
आयोग अध्यक्ष ने बताया कि राज्य स्तरीय कार्यालय को शिमला से ऊना लाने के बाद अब स्थायी भवन के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। रामपुर-हरोली पुल के समीप 12 कनाल भूमि चिन्हित कर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के नाम हस्तांतरित की गई है। भवन निर्माण के लिए मुख्यमंत्री ने दो करोड़ रुपये उपलब्ध करवाए हैं। लोक निर्माण विभाग के आर्किटेक्ट को नक्शा तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं और इसके बाद शिलान्यास की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
कुलदीप कुमार के अनुसार, हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग का गठन 19 अगस्त 2024 को किया गया था। ऊना के रामपुर में आयोग के कार्यालय का उद्घाटन 13 दिसंबर 2024 को हुआ और इसके साथ कामकाज शुरू किया गया। उन्होंने कहा कि आयोग संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण, मामलों में त्वरित हस्तक्षेप, जनजागरूकता, प्रशासनिक समीक्षा और कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आगे भी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करता रहेगा।