ऊना में आवारा कुत्तों के हमले से छह वर्षीय बच्ची घायल, नगर निगम ने कार्रवाई के दिए निर्देश
ऊना शहर के वार्ड नंबर-5 में वीरवार सुबह आवारा कुत्तों के हमले में छह वर्षीय बच्ची घायल हो गई। जानकारी के अनुसार बच्ची अपने घर के समीप मौजूद थी, तभी क्षेत्र में घूम रहे आधा दर्जन से अधिक कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया। स्थानीय लोगों की सहायता से बच्ची को सुरक्षित निकालकर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद नगर निगम ने क्षेत्र में आवारा कुत्तों को चिन्हित कर उन्हें पकड़ने की कार्रवाई शुरू करने की बात कही है।
ऊना
आवारा कुत्तों के हमले में बच्ची घायल
ऊना शहर के वार्ड नंबर-5 में वीरवार सुबह आवारा कुत्तों के हमले में छह वर्षीय बच्ची घायल हो गई। जानकारी के अनुसार बच्ची अपने घर के समीप मौजूद थी, तभी क्षेत्र में घूम रहे आधा दर्जन से अधिक आवारा कुत्तों ने उसे घेर लिया और हमला कर दिया। हमले के दौरान बच्ची को शरीर के विभिन्न हिस्सों में चोटें आईं। घटना सुबह के समय हुई, जब क्षेत्र में स्थानीय लोग अपने दैनिक कार्यों और सैर के लिए निकले हुए थे। घटना के बाद आसपास के लोगों ने तुरंत बच्ची की सहायता की और उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
स्थानीय लोगों ने बचाई बच्ची
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बच्ची की चीख-पुकार सुनकर आसपास के निवासी और सुबह सैर कर रहे नागरिक मौके पर पहुंचे। लोगों ने डंडों और अन्य उपलब्ध साधनों की सहायता से कुत्तों को वहां से हटाया और बच्ची को उनके बीच से सुरक्षित निकाला। इसके बाद घायल बच्ची को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों द्वारा उसका प्राथमिक उपचार किया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सहायता नहीं पहुंचती तो बच्ची को अधिक गंभीर चोटें आ सकती थीं।
नगर निगम ने दिए कार्रवाई के निर्देश
घटना की सूचना मिलने के बाद नगर निगम की टीम को संबंधित क्षेत्र में भेजा गया। निगम अधिकारियों ने बताया कि वार्ड नंबर-5 और आसपास के क्षेत्रों में घूम रहे आवारा कुत्तों को चिन्हित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके बाद उन्हें पकड़ने और निर्धारित प्रबंधन प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि किसी क्षेत्र में आवारा कुत्तों की संख्या अधिक है या ऐसी कोई घटना सामने आती है तो इसकी सूचना तुरंत नगर निगम को दें, ताकि समय पर आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
स्थानीय लोगों ने जताई चिंता
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने रिहायशी क्षेत्रों में बढ़ती आवारा कुत्तों की संख्या को लेकर चिंता व्यक्त की है। लोगों का कहना है कि वार्डों और सार्वजनिक स्थानों पर आवारा कुत्तों की मौजूदगी के कारण बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय निवासियों ने संबंधित विभागों से नियमित निगरानी, नसबंदी और प्रबंधन अभियान चलाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।