होर्मुज बंद होने के बाद अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर किए हमले, तेहरान ने कई खाड़ी देशों में जवाबी कार्रवाई का दावा
अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य में कंटेनर जहाज पर हमले के बाद अमेरिका ने ईरान के 140 से अधिक सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले करने का दावा किया, जबकि जवाबी कार्रवाई में ईरान ने कतर, बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है, जिसके बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा सतर्कता बढ़ा दी गई है।
कंटेनर जहाज पर हमले के बाद बढ़ा सैन्य तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में एक साइप्रस के झंडे वाले कंटेनर जहाज M/V GFS Galaxy पर हमले की घटना के बाद हालात और गंभीर हो गए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार जहाज में आग लगने से इंजन रूम को नुकसान पहुंचा और चालक दल का एक सदस्य लापता बताया गया है। ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी UKMTO ने बताया कि अन्य सभी चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। अमेरिका का कहना है कि यह घटना अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा से जुड़ी है, जहां से दुनिया के कुल समुद्री तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इसी घटनाक्रम के बाद अमेरिका ने एक सप्ताह के भीतर तीसरी बार ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की।
140 से अधिक सैन्य ठिकानों पर अमेरिकी कार्रवाई
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर अमेरिकी सेना ने ईरान के 140 से अधिक सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार इन अभियानों में सैन्य प्रतिष्ठानों, कमांड सेंटर और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि हाल के दिनों में ईरान से जुड़े हमलों और समुद्री मार्गों पर बढ़ते सुरक्षा जोखिमों के जवाब में यह कार्रवाई की गई है। अमेरिका ने दावा किया कि पिछले तीन दिनों में 300 से अधिक सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जा चुका है। इन अभियानों का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों, ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बताया गया है।
ईरान ने जवाबी कार्रवाई का किया दावा
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कतर, बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई करने का दावा किया। ईरान के अनुसार कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं और जॉर्डन के प्रिंस हसन एयरबेस स्थित अमेरिकी सैन्य सुविधाओं को भी निशाना बनाया गया। दूसरी ओर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने बताया कि उसकी एयर डिफेंस प्रणाली ने कई मिसाइलों और ड्रोन को बीच रास्ते में ही रोक दिया। बहरीन में एयर रेड सायरन बजाए गए, जबकि कतर ने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह जारी की। हालांकि ईरान के इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।
क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था पर बढ़ा दबाव
लगातार सैन्य घटनाक्रम के बीच पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार होर्मुज जलडमरूमध्य से प्रतिदिन करीब 2 करोड़ बैरल (लगभग 20 मिलियन बैरल) कच्चे तेल का परिवहन होता है, इसलिए इस क्षेत्र में किसी भी सैन्य गतिविधि का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और समुद्री व्यापार पर पड़ सकता है। ओमान, कतर, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात सहित कई देशों ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की है। अमेरिका और ईरान दोनों की ओर से सैन्य गतिविधियां जारी रहने के कारण पूरे पश्चिम एशिया की स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की लगातार नजर बनी हुई है।