फेसबुक राजनीति छोड़ें, काम करें: विक्रम ठाकुर का विक्रमादित्य पर तीखा हमला
Himachalnow / शिमला
विक्रम ठाकुर ने विक्रमादित्य सिंह पर सोशल मीडिया और फेसबुक राजनीति को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए भ्रष्टाचार और अव्यवस्था के आरोप लगाए। ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के विकास पर ध्यान देने की जरूरत है, न कि बयानबाजी की राजनीति की।
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हिमाचल की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मंत्री और जसवां-प्रागपुर से विधायक विक्रम ठाकुर ने लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें “फेसबुक की राजनीति” से बाहर निकलने की नसीहत दी है।विक्रम ठाकुर ने कहा कि आजकल विक्रमादित्य सिंह सोशल मीडिया और बयानबाजी के जरिए खुद को बड़ा नेता दिखाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इससे उनकी राजनीतिक कमजोरी ही उजागर हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री जैसे वरिष्ठ नेताओं पर टिप्पणी करना उनकी हताशा को दर्शाता है।
उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि अपनी ही पार्टी में हाशिए पर पहुंचे मंत्री अब सुर्खियों में बने रहने के लिए अमर्यादित बयान दे रहे हैं। “दिल्ली दरबार में नंबर बनाने की राजनीति के चलते हिमाचल की मर्यादा को ठेस पहुंचाई जा रही है, लेकिन प्रदेश की जनता सब देख रही है,” उन्होंने कहा।लोक निर्माण विभाग पर निशाना साधते हुए विक्रम ठाकुर ने कहा कि पिछले साढ़े तीन साल में विभाग पूरी तरह विफल रहा है। सड़कों की हालत खराब है, आपदा प्रभावित क्षेत्रों में मलबा अब तक नहीं हट पाया और टेंडर प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं।उन्होंने दावा किया कि विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस के ही चार विधायकों ने मंत्री की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए, लेकिन जवाब देने के बजाय मंत्री चुप्पी साधे रहे। “सदन में जवाब देने से बचना लोकतंत्र का अपमान है,” उन्होंने कहा।
ठाकुर ने आरोप लगाया कि ठेकेदारों को भुगतान नहीं हो रहा, विकास कार्य ठप पड़े हैं और विभागीय अव्यवस्था चरम पर है। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग आज बदइंतजामी और भ्रष्टाचार का केंद्र बन चुका है।उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में जो भी बड़े विकास कार्य हो रहे हैं, वे केंद्र सरकार के सहयोग से संभव हुए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जिन नेताओं ने हिमाचल के विकास को प्राथमिकता दी, उनके खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग करना ओछी राजनीति को दर्शाता है।अंत में विक्रम ठाकुर ने कहा कि विक्रमादित्य सिंह को नकारात्मक राजनीति से दूर रहकर प्रदेश के विकास पर ध्यान देना चाहिए, अन्यथा जनता उन्हें जवाब देने के लिए तैयार बैठी है।