लंबित मांगों को लेकर दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों का प्रदर्शन, सचिवालय मार्ग पर यातायात प्रभावित
लंबित मांगों के समाधान की मांग को लेकर दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों ने मंगलवार को शिमला में सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा, जबकि प्रदर्शनकारियों ने बैकलॉग भर्तियों और आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर सरकार से निर्णय लेने की मांग दोहराई।
शिमला
सचिवालय के बाहर किया प्रदर्शन
राजधानी शिमला में दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों और संगठन के सदस्यों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों के अनुसार वे पिछले 976 दिनों से विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। मंगलवार को उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में सचिवालय मार्ग पर प्रदर्शन किया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा और सड़क पर वाहनों की आवाजाही धीमी पड़ गई। मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति पर नजर बनाए रखी।
बैकलॉग भर्तियों और आरक्षण मुद्दों को उठाया
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों के लिए लंबित बैकलॉग भर्तियों को भरने तथा आरक्षण से संबंधित मामलों के समाधान की मांग लंबे समय से की जा रही है। संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि कई बार संबंधित विभागों और सरकार के समक्ष अपनी मांगें रखी गई हैं, लेकिन अब तक अपेक्षित निर्णय नहीं लिया गया है। प्रदर्शन के दौरान प्रतिभागियों ने मांगों के शीघ्र समाधान के लिए सरकार से वार्ता करने का आग्रह किया।
यातायात प्रभावित, बाद में स्थिति सामान्य
प्रदर्शन के दौरान सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। पुलिस ने यातायात व्यवस्था बनाए रखने और मार्ग को सुचारु करने के लिए आवश्यक कदम उठाए। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस कर्मियों के बीच सीमित स्तर पर धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी, हालांकि बाद में स्थिति सामान्य हो गई और यातायात बहाल कर दिया गया। किसी प्रकार की गंभीर अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।
976 दिनों से आंदोलन का दावा
दृष्टिबाधित जन संगठन हिमाचल प्रदेश के सदस्य राजेश ठाकुर ने कहा कि संगठन पिछले 976 दिनों से अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत है। उन्होंने कहा कि संगठन बैकलॉग पदों को भरने, आरक्षण से जुड़े लंबित मामलों के निस्तारण तथा दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की मांग कर रहा है। उनका कहना है कि जब तक मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
सरकार से वार्ता की मांग
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की है कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए जल्द बातचीत की जाए। उनका कहना है कि संबंधित मुद्दों पर समयबद्ध निर्णय लिया जाना आवश्यक है ताकि लंबे समय से लंबित मामलों का निपटारा हो सके। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी गई और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रबंध किए गए।