मतदाता सूची विवाद पर विनय कुमार की मांग, 13 करोड़ नाम काटने के आरोप की हो निष्पक्ष जांच
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विनय कुमार ने मतदाता सूचियों से कथित तौर पर 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोप की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है। उन्होंने चुनाव आयोग से हर पात्र नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मतदाता सूची से हटाए गए नामों, इसके कारणों तथा प्रभावित लोगों की वास्तविक संख्या से संबंधित तथ्य सार्वजनिक करने का आग्रह किया।
शिमला
विनय कुमार ने 28 अक्टूबर को जारी बयान में कहा कि यदि मतदाता सूचियों से बड़े पैमाने पर नाम हटाने का दावा सही है तो यह सामान्य प्रशासनिक विषय नहीं, बल्कि नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि किसी पात्र नागरिक को गलत तरीके से मतदाता सूची से बाहर नहीं किया जाना चाहिए। अगर नाम हटाने की प्रक्रिया में अनियमितता हुई है तो उसकी जांच कर प्रभावित नागरिकों को राहत दी जानी चाहिए और भविष्य में ऐसी शिकायतें रोकने के लिए ठोस व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।
केंद्र सरकार और चुनावी संस्थाओं से मांगा जवाब
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा पर अपनी जिम्मेदारी से बचने का आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र में पिछले 12 वर्षों से उसकी सरकार है, इसलिए चुनाव प्रक्रिया और लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देना सरकार तथा संबंधित संवैधानिक संस्थाओं का दायित्व है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूचियों की शुद्धता, निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना जरूरी है। चुनाव प्रक्रिया पर जनता का विश्वास तभी कायम रह सकता है, जब प्रत्येक पात्र मतदाता को मतदान का अवसर मिले और उसके वोट की सुरक्षा हो।
विनय कुमार ने आरोप लगाया कि सरकार से जवाब मांगे जाने पर भाजपा मूल मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए विपक्ष को निशाना बनाती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष का दायित्व जनता के अधिकारों से जुड़े प्रश्न उठाना और सरकार से जवाबदेही की मांग करना है। चुनाव प्रक्रिया को लेकर सामने आने वाली आशंकाओं का समाधान राजनीतिक बयानबाजी के बजाय तथ्यों, पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच के माध्यम से किया जाना चाहिए। कांग्रेस संविधान, सामाजिक न्याय और नागरिक अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाती रहेगी।
एक नवंबर की महारैली में उठेगा मुद्दा
उन्होंने बताया कि एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ महारैली में चुनावी पारदर्शिता, मतदाता सूचियों की निष्पक्षता और पात्र नागरिकों के वोट की सुरक्षा का मुद्दा उठाया जाएगा। उनके अनुसार, इस आयोजन में INDIA गठबंधन के नेता और कार्यकर्ता भाग लेंगे। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भी अपने पदाधिकारियों, जिला एवं ब्लॉक इकाइयों तथा कार्यकर्ताओं से अभियान का संदेश लोगों तक पहुंचाने और महारैली में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया है।
विनय कुमार ने कहा कि लोकतंत्र किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं, बल्कि देश की जनता की अमानत है। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता सुरक्षित रखने पर जोर दिया। साथ ही कहा कि मतदाता सूचियों से जुड़े सवालों पर तथ्य सामने आने चाहिए और प्रत्येक पात्र नागरिक को अपने वोट की सुरक्षा का भरोसा मिलना चाहिए। कांग्रेस इस विषय पर निष्पक्ष जांच और संस्थागत जवाबदेही की मांग जारी रखेगी।