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Weather / प्री-मॉनसून बारिश से कई क्षेत्रों में असर, चंबा में 20 भेड़-बकरियां मरीं

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Weather : हिमाचल प्रदेश में प्री-मॉनसून बारिश के सक्रिय होने के बाद कई जिलों में मौसम में बदलाव दर्ज किया गया है। लगातार वर्षा और तेज हवाओं के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा है तथा कुछ क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर नुकसान की घटनाएं भी सामने आई हैं। चंबा जिले में एक नाले में जलस्तर बढ़ने से 20 भेड़-बकरियों की मौत हो गई, जबकि शिमला जिले के रामपुर क्षेत्र में पेड़ गिरने से दो वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है।

शिमला

प्री-मॉनसून बारिश से बदला मौसम

हिमाचल प्रदेश में प्री-मॉनसून गतिविधियां तेज होने के साथ ही मौसम में उल्लेखनीय बदलाव दर्ज किया गया है। बीती रात से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहा, जिसके चलते तापमान में गिरावट आई है और नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश के मैदानी, मध्य पर्वतीय और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग ने बताया है कि पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के प्रभाव से आगामी दिनों में भी बारिश, तेज हवाएं और कुछ क्षेत्रों में गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना बनी हुई है।

रामपुर में पेड़ गिरने से दो वाहन क्षतिग्रस्त

शिमला जिला के रामपुर क्षेत्र में गुरुवार शाम बारिश और तेज हवाओं के दौरान एक पेड़ सड़क किनारे खड़े वाहनों पर गिर गया। इस घटना में दो वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार घटना के समय आसपास मौजूद लोगों को कोई शारीरिक चोट नहीं पहुंची। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें पेड़ गिरने की पूरी घटना रिकॉर्ड हुई है। स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर स्थिति का आकलन किया है।

चंबा में नाले का जलस्तर बढ़ने से पशुधन का नुकसान

चंबा जिला के रजेरा क्षेत्र में स्थित गढ़ नाला में अचानक जलस्तर बढ़ने से 20 भेड़-बकरियां मलबे और तेज बहाव की चपेट में आ गईं। स्थानीय स्तर पर प्राप्त जानकारी के अनुसार बारिश के बाद नाले में पानी और मलबे का प्रवाह तेजी से बढ़ा, जिससे पशुधन को नुकसान हुआ। क्षेत्र के अन्य छोटे नालों और खड्डों में भी जलस्तर बढ़ने की सूचना है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और जलधाराओं के समीप अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है।

भरमौर-पठानकोट मार्ग पर मलबा आने से प्रभावित हुई आवाजाही

चंबा जिले में भरमौर-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर सरेंई नाला क्षेत्र में बारिश के बाद मलबा आने से कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। मार्ग पर फंसे वाहनों को बाद में सुरक्षित निकाला गया और सड़क को बहाल करने के लिए संबंधित एजेंसियों ने आवश्यक कार्रवाई की। बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मलबा आने की घटनाओं की संभावना को देखते हुए प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है।

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार पिछले 12 घंटों में सोलन जिले के कसौली में 105 मिमी, धर्मपुर में 86 मिमी, सिरमौर के धौलाकुआं में 43 मिमी, पालमपुर में 40 मिमी, सोलन में 34 मिमी, जोत और सराहन में 30-30 मिमी तथा नाहन में 26 मिमी वर्षा दर्ज की गई। विभाग ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के लिए बारिश, तेज हवाओं और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि को लेकर येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार कुछ क्षेत्रों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की भी संभावना बनी हुई है।

पंडोह बांध से अतिरिक्त पानी छोड़ने की चेतावनी

मंडी स्थित पंडोह बांध में जलस्तर बढ़ने के बाद भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) ने ब्यास नदी में अतिरिक्त पानी छोड़े जाने को लेकर सूचना जारी की है। बोर्ड के अनुसार नदी में लगभग 3,000 क्यूसेक तक अतिरिक्त पानी छोड़ा जा सकता है। इसके चलते नदी के निचले क्षेत्रों में जलस्तर दो से तीन मीटर तक बढ़ने की संभावना जताई गई है। एहतियात के तौर पर मंडी, हमीरपुर और कांगड़ा जिलों के प्रशासन को सतर्क रहने तथा नदी किनारे रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

लाहौल घाटी में तापमान में गिरावट

जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति की लाहौल घाटी में बारिश के बाद तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। स्थानीय स्तर पर तापमान 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे क्षेत्र में ठंडक बढ़ी है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार इस समय घाटी में आलू, मटर और अन्य नकदी फसलों की बुवाई का कार्य चल रहा है तथा वर्षा से खेतों में आवश्यक नमी उपलब्ध हुई है। इससे कृषि गतिविधियों को लाभ मिलने की संभावना है।

25 जून के आसपास हो सकती है मानसून की एंट्री

मौसम विभाग के अनुसार देश के कई राज्यों में दक्षिण-पश्चिम मानसून आगे बढ़ चुका है और हिमाचल प्रदेश में इसके लगभग 25 जून के आसपास पहुंचने की संभावना है। विभाग ने अगले पांच दिनों तक प्रदेश में मौसम के सक्रिय बने रहने का पूर्वानुमान जारी किया है। लगातार हो रही वर्षा के कारण कई क्षेत्रों में अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। विभाग ने लोगों को मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है।

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